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बिहार कैबिनेट बैठक: 63 फैसलों पर मुहर, चीनी मिलों को राहत पैकेज, फल्गु नदी पर नए पुल को मंजूरी, पढ़ें खबर

Written by:Rishabh Namdev
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बिहार कैबिनेट की दूसरी बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। दरअसल 63 एजेंडों को इस बैठक में मंजूरी मिली है। चीनी मिलों को राहत पैकेज, बिजली सब्सिडी के लिए 23 हजार करोड़ से ज्यादा का बजट और गया में फल्गु नदी पर नए पुल का ऐलान किया गया है।
बिहार कैबिनेट बैठक: 63 फैसलों पर मुहर, चीनी मिलों को राहत पैकेज, फल्गु नदी पर नए पुल को मंजूरी, पढ़ें खबर

बिहार में नई सरकार बनने के बाद कैबिनेट की दूसरी बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। दरअसल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 63 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, जिनका सीधा असर राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर और किसानों पर पड़ेगा। वहीं इस बैठक में सबसे ज्यादा फोकस बिजली, सड़क और कृषि से जुड़े मुद्दों पर रहा है।

दरअसल सरकार ने जहां एक तरफ बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बड़ा बजट मंजूर किया है तो वहीं दूसरी तरफ चीनी मिलों को आर्थिक मदद देने का फैसला भी लिया गया। गया में फल्गु नदी पर पुल बनाने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। हालांकि इन फैसलों को सरकार के शुरुआती संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

चीनी मिल राहत पैकेज पर बड़ा फैसला

वहीं इस कैबिनेट बैठक में बिजली सेक्टर को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। दरअसल राज्य में नई ट्रांसमिशन लाइनें बनाई जाएंगी जिससे बिजली सप्लाई बेहतर होगी। इसके साथ ही 2026-27 के लिए 23,165 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी दी गई है ताकि उपभोक्ताओं पर बिजली बिल का बोझ कम किया जा सके। इसके साथ ही चीनी उद्योग के लिए भी राहत पैकेज घोषित किया गया है। गन्ना खरीद पर लगने वाला कमीशन 1.80% से घटाकर 0.20% कर दिया गया है। इससे चीनी मिलों पर आर्थिक दबाव कम होगा। इससे किसानों को भुगतान में भी तेजी आ सकती है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार से जुड़े फैसलों पर जोर

वहीं इसके अलावा, नगर निकायों के बकाया बिजली बिल चुकाने के लिए 425.99 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। बता दें कि कैबिनेट ने इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी कई अहम फैसले लिए हैं। गया में फल्गु नदी पर 113 करोड़ रुपये की लागत से नया आरसीसी पुल बनाया जाएगा इससे स्थानीय लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा सारण और गोपालगंज के बीच 73.51 किलोमीटर लंबी 4-लेन सड़क PPP मॉडल पर बनाने की मंजूरी भी दी गई है।

इसके अलावा पटना में साइबर अपराध यूनिट और स्पेशल ब्रांच के लिए नया भवन बनाया जाएगा जिस पर करीब 51 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह कदम कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके साथ ही ऑटिज्म से ग्रस्त बच्चों के लिए पटना में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का फैसला लिया गया है, जो हेल्थ सेक्टर में एक अहम पहल है। नर्सिंग स्कूलों की मान्यता और परीक्षा नियमों में बदलाव से मेडिकल एजुकेशन सिस्टम को बेहतर बनाने की कोशिश की गई है।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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