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गेहूं उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे सीएम डॉ मोहन यादव, खरीदी में अव्यवस्थाओं की शिकायत पर लिया फैसला

Written by:Atul Saxena
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में उपार्जन केंद्र पर चल रही गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया का आने वाले दिनों में आकस्मिक निरीक्षण करेंगे और किसानों से संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी लेंगे।
गेहूं उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे सीएम डॉ मोहन यादव, खरीदी में अव्यवस्थाओं की शिकायत पर लिया फैसला

CM Dr Mohan Yadav surprise inspection wheat procurement centres

मध्य प्रदेश के सभी संभागों में इन दिनों MSP पर गेहूं खरीदी की जा रही है , उपार्जन केंद्रों पर किसान अपनी उपज लेकर पहुंच रहा है जहाँ उसके लिए कई तरह की सुविधाएँ की गई हैं, सरकार उन्हें भुगतान भी कर रही है फिर भी कई जगह से अव्यवस्थाओं की शिकायतें आ रही हैं, किसानों में मुख्यमंत्री तक भी इन शिकायतों को पहुंचाया है अब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने औचक निरीक्षण का फैसला किया है।

गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये केंद्र सरकार ने निर्धारित किया है लेकिन मध्य प्रदेश सरकार इस पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे रही है और 2625 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदी कर रही है, मुख्यमंत्री ने डॉ मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाएं इस तरह होनी चाहिए कि किसान को कोई परेशानी ना हो।

सरकार ने किसानों की बढती संख्या को देखते हुए तौल कांटों की संख्या 6 कर दी है,   प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूं विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल किया गया है इसे बढाकर 3000 भी किया जा सकता है , किसानों की सुविधा के लिए खरीदी के लिये प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का की सुविधा दी है। जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए छायादार जगह पेयजल आदि की समुचित व्यवस्था का ध्यान रखा जाये।

नाराज किसानों में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा 

इन निर्देशों के बावजूद कई जगहों से अव्यवस्थाओं की शिकायतें सरकार के पास तक पहुंच रहीं हैं, किसान की शिकायत है कि स्लॉट बुकिंग नहीं हो रही, पोर्टल पर एंट्री नहीं हो रही , तुलाई के लिए उसे घंटों इन्तजार करना पड़ रहा है, तकनीकी खामियां भी किसान को परेशान कर रही हैं, ग्वालियर जिले के डबरा में किसानों का गुस्सा देखने को मिला उन्होंने तहसील कार्यालय पर आक्रोश जाहिर किया और तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी 

किसानों ने आरोप लगाया कि वे कई दिनों से अधिकारियों को समस्या बता रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। उन्होंने 24 से 48 घंटे में सुधार नहीं होने पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ तहसील परिसर में डेरा डालकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

मुख्यमंत्री डॉ यादव करेंगे औचक निरीक्षण 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में उपार्जन केंद्र पर चल रही गेहूँ उपार्जन की प्रक्रिया का आने वाले दिनों में आकस्मिक निरीक्षण करेंगे और किसानों से संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यह भी देखेंगे कि निर्देशानुसार शासन-प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सभी सुविधाएं किसानो को प्राप्त हो रही है या नहीं।

अब तक 22.70 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी

  • अभी तक प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये 9.83 लाख किसानों द्वारा 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं।
  • प्रदेश में अभी तक 5 लाख 8 हजार 657 किसानों से 22 लाख 70 हजार मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया जा चुका है।
  • किसानों को 3575.11 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
  • सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है।

भोपाल से जितेंद्र यादव, डबरा से अरुण रजक की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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