बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार, 26 अप्रैल 2026 को मुंगेर पहुंचे जहां उन्होंने सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुना और फिर ढोल पहाड़ी में इको टूरिज्म योजना के तहत लगभग 12.49 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इस बीच, एनडीए के कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी रही।
बता दें कि शिलान्यास कार्यक्रम के बाद सम्राट चौधरी ने जनसभा को भी संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वे पहली बार जिले के तारापुर क्षेत्र से विधायक बने हैं और पहली बार ही बिहार के मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला है। यह उनके लिए गर्व के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने तारापुर में सिंचाई डिवीजन कैंपस में प्रशासनिक अधिकारियों और विभाग के अधिकारियों के साथ क्षेत्र में चल रही अलग-अलग विकास योजनाओं पर एक समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी विकास के कार्य समय से पूरे हो, यह पक्का करना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
सम्राट चौधरी ने किया ‘नीतीश मॉडल’ का जिक्र
इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश मॉडल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में विकास को नई रफ्तार मिली है। इस रफ्तार को कम नहीं होने देना है। राज्य में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में काफी काम हुआ है, लेकिन अब इन विकास कार्यों को और तेज गति देने की जरूरत है। सरकार विभिन्न क्षेत्रों में लंबित कार्यों को भी जल्द से जल्द पूरा करेगी।
सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सहयोग से उन्हें बिहार का नेतृत्व करने का अवसर मिला है। उन्होंने इसे एक चुनौती बताते हुए कहा कि उनका लक्ष्य बिहार को समृद्धि की राह पर आगे बढ़ाना और ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करना है।
सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी
मुख्यमंत्री ने सीधे अधिकारियों को भी कड़ी चेतावनी दे डाली। उन्होंंने कहा कि अब मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से ब्लॉक और अंचल स्तर तक निगरानी की जाएगी। अगर कोई पदाधिकारी एक महीने से अधिक किसी फाइल को लंबित रखता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। फाइल लटकाने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही लंबित कार्यों की विस्तृत जानकारी देने को भी कहा गया।





