पंजाब की राजनीति में इस समय बयानबाजी तेज हो गई है। दरअसल के ‘गद्दार’ वाले बयान पर विक्रमजीत सिंह साहनी ने साफ कहा है कि उनका मकसद सिर्फ पंजाब की सेवा है। वहीं इस मुद्दे ने पार्टी बदलने वाले नेताओं और सरकार के बीच टकराव को खुलकर सामने ला दिया है। दरअसल आम आदमी पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टियों में जाने वाले नेताओं को लेकर विवाद तब बढ़ा जब पार्टी कार्यकर्ताओं ने कुछ राज्यसभा सांसदों के घर के बाहर प्रदर्शन किया।
वहीं इस दौरान सीएम भगवंत मान ने ऐसे नेताओं को ‘गद्दार’ कहा इसके जवाब में विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा कि उन्होंने पंजाब या पंजाबियों के साथ कोई धोखा नहीं किया है, बल्कि पहले भी सेवा कर रहे थे और अब 10 गुना ज्यादा करेंगे।
पंजाब की राजनीति में नया मोड़
वहीं इस पूरे मामले ने पंजाब की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। दरअसल पार्टी बदलने वाले नेताओं का कहना है कि उनका फैसला व्यक्तिगत नहीं बल्कि राज्य के विकास के लिए लिया गया है। विक्रमजीत सिंह साहनी ने अपने बयान में रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और किसानों के मुद्दों को खास तौर से उठाया। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं को रोजगार देना और नशे से दूर रखना उनकी प्राथमिकता है। वहीं उन्होंने यह भी बताया कि स्किल डेवलपमेंट और कृषि सुधार के लिए केंद्र के नेताओं से बातचीत की गई है ताकि राज्य में नए अवसर पैदा किए जा सकें।
गद्दार’ शब्द से सहमत नहीं विक्रमजीत सिंह साहनी
वहीं दूसरी ओर सीएम भगवंत मान के बयान को आम आदमी पार्टी के समर्थक सही ठहरा रहे हैं। दरअसल उनका कहना है कि जनता के भरोसे से चुने गए नेता अगर बीच में पार्टी छोड़ते हैं तो इसे जनता के साथ धोखा माना जा सकता है। यही वजह है कि कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। हालांक विक्रमजीत सिंह साहनी ने साफ कहा कि वे सीएम के पद का सम्मान करते हैं लेकिन ‘गद्दार’ शब्द से सहमत नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब के लोग समझदार हैं और आने वाले चुनाव में खुद फैसला करेंगे।






