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धार में भीषण सड़क हादसा, पिकअप वाहन पलटने से 12 मजदूरों की मौत, 13 लोग गंभीर रूप से घायल

Reported by:Mohammad Ansar|Edited by:Rishabh Namdev
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धार में हुई एक रोड एक्सीडेंट की दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। दरअसल चिकलिया के पास मजदूरों से भरी पिकअप के पलटने से कई परिवार उजड़ गए। इस दर्दनाक हादसे में बच्चों और महिलाओं की मौत की भी जानकारी सामने आई है।
धार में भीषण सड़क हादसा, पिकअप वाहन पलटने से 12 मजदूरों की मौत, 13 लोग गंभीर रूप से घायल

मध्य प्रदेश के धार जिले में बुधवार रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। दरअसल इस हादसे में मजदूरों से भरी पिकअप वाहन पलट गई। हादसे में अब तक 12 लोगों की मौत की खबर सामने आई है जबकि 13 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हालांकि मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। सभी घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। वहीं यह घटना चिकलिया स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पास रात करीब 8:30 बजे हुई।

बताया जा रहा है कि पिकअप वाहन में क्षमता से ज्यादा करीब 30 से 35 मजदूर सवार थे। अचानक वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी जिसके बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

लापरवाही बनी बड़ी वजह

दरअसल प्राथमिक जांच में सामने आया है कि वाहन में तय क्षमता से कहीं ज्यादा लोग बैठे थे जो हादसे की बड़ी वजह बने। हालांकि ग्रामीण इलाकों में मजदूरों को एक साथ ले जाने के लिए अक्सर ऐसे वाहनों का इस्तेमाल होता है जहां सुरक्षा के नियमों की अनदेखी की जाती है। वहीं डॉक्टर छत्रपाल सिंह के मुताबिक, अस्पताल में लाए गए घायलों में कई की हालत बेहद गंभीर है। उन्होंने बताया कि मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जिससे हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। कई घायलों को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।

क्यों होते हैं बार-बार ऐसे हादसे?

दरअसल देश में हर साल हजारों सड़क हादसे सिर्फ नियमों की अनदेखी के कारण ही होते हैं। खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों को ढोने के लिए पिकअप या माल ले जाने वाले वाहनों का इस्तेमाल आम बात है जो पूरी तरह से असुरक्षित होता है। सड़क सुरक्षा के नियम हमेशा ध्यान में रखना चाहिए। किसी भी मालवाहक वाहन में यात्रियों को बैठाना कानून के खिलाफ है। इसके बावजूद जागरूकता की कमी और मजबूरी के कारण लोग अपनी जान जोखिम में डालते हैं। हालांकि प्रशासन समय-समय पर अभियान इसे लेकर चलाता है लेकिन जमीनी स्तर पर इसका पालन ठीक से नहीं हो पाता है।

मोहम्मद अंसार की रिपोर्ट

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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