बुधवार को गुजरात कैबिनेट बैठक (Gujarat Cabinet Meeting) का आयोजन किया गया। मीटिंग “सेवा और सुशासन” के साथ-साथ सूरत में आयोजित होने वाले वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (VGRC) पर भी विशेष ध्यान दिया गया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सम्मेलन से संबंधित योजना और तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों को जन शिकायतों की एक व्यापक सूची तैयार करने और उनका तेजी से समाधान करने का निर्देश भी दिया गया है।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सरकारी प्रवक्ता और मंत्री जीतू वघानी ने महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि, “राज्य सरकार ने सेवा और सुशासन के मंत्र: के साथ लोगों की समस्या समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।” इसलिए मुख्यमंत्री ने प्रशासन तंत्र को जमीनी स्तर से लेकर राज्य स्तर तक सभी सार्वजनिक मुद्दों और शिकायतों को तेजी से हल करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
सभी वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायतों की एक सूची तैयार को कहा गया है। जल्द से जल्द इनका समाधान करने के लिए कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया है। यह कदम शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
VGRC पर भी हुआ मंथन
गुजरात कैबिनेट में वीजीआरसी तैयारियों की समीक्षा की। इसका आयोजन सूरत में 1 और 2 मई को होगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की मार्गदर्शन में मध्य और दक्षिण गुजरात के 16 जिलों की औद्योगिक क्षमता को इस कार्यक्रम के माध्यम से वैश्विक मंच पर लाया जाएगा। दक्षिण गुजरात के जिलों पर यह सम्मेलन केंद्रित होगा। वैश्विक भागीदारी के साथ नए निवेश के अवसर भी पैदा होंगे। मुख्यमंत्री इस उद्घाटन के अवसर पर भाषण देंगे। उपमुख्यमंत्री हर्ष भाई संघवी उद्घाटन भाषण और प्रस्तुति देंगे। दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान सेमिनार पैनल चर्चा और राउंड टेबल की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी।
1 से 5 मई तक इसी स्थान पर वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्र प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा। प्रदर्शनी दक्षिण गुजरात के जिले जैसे कि भरूच, डांग, नवसारी, सूरत तापी और वलसाड के उद्योग, MSME, स्टार्टअप और सरकारी विभागों के लिए बेहतर मंच के तौर पर काम करेगी। इसके अलावा जीआईएफटी सिटी के वैश्विक वित्तीय और जीसीसी अवसरों की एक विषय झलक भी यहां देखने को मिलेगी।
स्थानीय निकाय चुनाव में BJP की जीत के बाद प्रस्ताव पारित
मंत्रिमंडल ने स्थानीय निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के ऐतिहासिक जीत के लिए सरहाना दर्ज की। एक औपचारिक प्रस्ताव भी पारित किया गया। जिसमें परिणाम को राज्य सरकार की विकास नीति और नेतृत्व का सार्वजनिक समर्थन बताया गया। इस प्रस्ताव में प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, किसान सम्मन निधि सहित केंद्र राज्य सरकार की कई योजनाओं के साथ-साथ ज्योति ग्राम योजना समेत कई संरचना संबंधित पहलुओं का उल्लेख किया गया।
इसमें गुजरात को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी मिलने की चर्चा भी गई है। अनुसूचित जाति के छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए आय पात्रता सीमा को संशोधित करके 3.6 लाख रुपये करने और डॉक्टर अंबेडकर विदेशी अध्ययन मानव गरिमा योजना और समरस छात्रावास जैसी योजनाओं का उल्लेख भी किया गया।
‘સેવા અને સુશાસન’ના મંત્ર સાથે પ્રજાના પ્રશ્નોના ત્વરિત ઉકેલ માટે કટિબદ્ધ રાજ્ય સરકાર; માન. મુખ્યમંત્રીશ્રીએ ગ્રામ્ય સ્તરથી લઈને રાજ્ય સ્તર સુધીના તમામ પ્રજાલક્ષી પ્રશ્નો અને ફરિયાદોનું ઝડપથી નિવારણ લાવવા વહીવટી તંત્રને સ્પષ્ટ આદેશ આપ્યા…
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— Gujarat Information (@InfoGujarat) April 29, 2026





