बिहार की राजधानी पटना में चर्चित कोचिंग संस्थान विवाद का मामला अभी भी गरमाया हुआ है। विपक्ष लगातार राज्य सरकार और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। इस बीच, मामले में पूर्व उप मुख्यमंत्री और विधानसभा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने कोचिंग विवाद मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग की है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि यह बात तो सब जानते हैं कि हाल ही में बिहार की राजधानी में मौजूद दो कोचिंग संस्थानों के बीच हुए विवाद के बाद कथित तौर पर मारपीट, तोड़फोड़ और फायरिंग की घटना हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे। कोचिंग संचालक रोशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध मौत की खबर के बाद यह मामला और भी गंभीर हो गया है। इस मामले में सरकार और राज्य पुलिस के कामकाज और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है कि जनता की भावना को ध्यान में रखते हुए इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया जाए, ताकि निष्पक्ष, प्रभावी और गहराई से जांच हो सके और जांच पूरी होने पर दोषी आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
क्या है पटना कोचिंग विवाद?
हाल ही में पटना के खान ग्लोबल एकेडमी और ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के बीच हुए विवाद के दौरान फायरिंग की घटना सामने आई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था जिसके बाद कदमकुआं थाने में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान कोचिंग संस्थान से जुड़े दो सुरक्षा गार्डों की भूमिका भी सामने आई, जिन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जानकारी अनुसार, गार्डों ने पूछताछ में दावा किया कि उन्होंने खान सर के कहने पर फायरिंग की थी। हालांकि, इस दावे की सत्यता की जांच पुलिस और अदालत की प्रक्रिया के तहत की जा रही है। मामले में अदालत ने केस डायरी और जांच से जुड़े दस्तावेज तलब किए थे। सुनवाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया। वहीं, ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद को अदालत से जमानत मिल गई है। वह इस मामले में बेउर जेल में बंद थे और अब जमानत पर रिहा हो चुके हैं।





