छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए एक बार फिर महंगाई का बड़ा झटका लगा है। एक तरफ जहां तेल और गैस के दाम बढ़ रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर विद्युत नियामक आयोग ने बिजली महंगी कर आम जनता की जेब और ढीली कर दी है। आयोग द्वारा बिजली दर 7.13 रुपये प्रति यूनिट की स्वीकृति दी गई है। जिसका अधिकारिक ऐलान आयोग द्वारा कर दिया गया है।
बता दें कि बिजली की दरों में औसतन 6.23% की बढ़ोतरी की गई है। इस बदलाव के बाद राज्य में अब औसत विद्युत बिलिंग दर 6.71 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है। आयोग ने केवल बिजली की दरों में संशोधन नहीं किया बल्कि बिलिंग और पेनल्टी सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है।
बता दें कि नई दरें 1 जुलाई से लागू होंगी। हालांकि बिजली कंपनी ने करीब 24 प्रतिशत दर वृद्धि का प्रस्ताव दिया था, लेकिन आयोग ने औसतन 6.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। राज्य विद्युत आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरें जारी कर दी हैं।
आयोग द्वारा जारी नई बिजली दरें
नई दरों के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को अब बिजली के लिए पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना होगा। आयोग ने घरेलू श्रेणी में 30 पैसे से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की दर वृद्धि को मंजूरी दी है। वहीं व्यावसायिक और अन्य गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली शुल्क में 20 पैसे से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है।
बिजली दरों में वृद्धि का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ेगा। कृषि पंपों के लिए बिजली शुल्क में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है, जिससे किसानों की बिजली लागत बढ़ने की संभावना है।
औसतन 40 से 42 पैसे प्रति यूनिट बढ़ा बिजली टैरिफ: आयोग
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के सचिव सूर्य प्रकाश शुक्ला ने बताया कि समग्र टैरिफ संरचना को देखें तो औसतन 40 से 42 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। हालांकि, सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर समान दर से बढ़ोतरी लागू नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए निचले स्लैब में 30 पैसे प्रति यूनिट तथा ऊपरी स्लैब में 50 पैसे प्रति यूनिट तक की दर वृद्धि की गई है। उपभोक्ताओं की विभिन्न श्रेणियों और खपत के आधार पर बिजली दरों में अलग-अलग बढ़ोतरी लागू की गई है।






