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गुजरात में स्थापित होगा सेवा आयुक्त कार्यालय, ‘वायर-फ्री सिटी मिशन’ को भी मंजूरी, जानें कैबिनेट के अहम फैसले

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2030 तक गुजरात के शहरों को वायर-फ्री बनाया जाएगा। भूपेंद्रभाई पटेल कैबिनेट ने विशेष अभियान को मंजूरी दे दी है। राज्य में भारत का पहला सेवा आयुक्त कार्यालय भी स्थापित किया जाएगा। 
गुजरात में स्थापित होगा सेवा आयुक्त कार्यालय, ‘वायर-फ्री सिटी मिशन’ को भी मंजूरी, जानें कैबिनेट के अहम फैसले

बुधवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में गांधीनगर में कैबिनेट बैठक (Gujarat Cabinet Decisions) का आयोजन किया गया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। जिसकी जानकारी मंत्री जीतू वघानी ने दी है। इसमें एमएसएमई सेवा क्षेत्र के लिए एक नई व्यवस्था और वायर फ्री सिटी मिशन (Wire Free City Mission) को मंजूरी देना शामिल है। इसके अलावा बैठक में व्हाट्सएप गवर्नेंस, प्री-मानसून तैयारियों, स्वास्थ्य, सरकारी स्कीम समेत अन्य कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

कैबिनेट बैठक में गुजरात वायर फ्री सिटी मिशन को मंजूरी दी गई है। इस अभियान के तहत राज्य के सभी क्षेत्रों को 2030 तक चरणबद्ध तरीके से वायर फ्री बनाया जाएगा। इस मिशन का उद्देश्य शहरी गुजरात में मौजूदा ओवरहेड बिजली वितरण नेटवर्क को भूमिगत अंडरग्राउंड केबल नेटवर्क में बदलना है। ताकि  सुरक्षा, बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता और शहरों की समग्र सुंदरता बनी रहे।

पहले चरण के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित 

जीतू वघानी ने बताया कि इस अभियान के तहत राज्य के सभी 17 नगर निगमों  और 151 नगर पालिकाओं को शामिल किया जाएगा। पहले चरण के लिए 500 करोड़ रुपये प्रारंभिक आवंटन स्वीकृत किया गया है। 14,600 सर्किट किलोमीटर के अधिक हाई टेंशन ओवरहेड लाइन और 31400 सर्किट किलोमीटर से अधिक को लो-टेंशन ओवरहेड लाइनों को भूमिगत किया है। पहले चरण में हाई टेंशन लाइनों को अंडरग्राउंड करने पर ध्यान दिया जाएगा।

इस फैसले से तूफान और भारी बारिश जैसे प्राकृतिक आपदाओं के दौरान शॉर्ट सर्किट से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी। बिजली वितरण प्रणाली में तकनीकी खराबी में भी कमी होने की भी उम्मीद है। इस मिशन को लेकर मंत्री ने कहा, “यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरित और स्मार्ट शहरों के विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप है। शहरी क्षेत्र की सुरक्षा और सुंदरता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी। साथी बिजली के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जाएगा।”

गुजरात में बनेगा भारत का पहला सेवा आयुक्त कार्यालय 

एमएसएमई सेवा क्षेत्र के लिए एक अलग कमीशन ऑफिस स्थापित करने का फैसला लिया गया है। यह सुविधा पर्यटन और आईटी क्षेत्र तक भी बढ़ाई जाएगी। ताकि उद्योगों का काम का ज्यादा सुचारू और तेज हो सके। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 100 करोड़ रुपये के सेवा क्षेत्र विकास कोष का प्रस्ताव रखा है। जीतू वघानी ने बताया कि गुजरात भारत का पहला ऐसा राज्य होगा जो अलग सेवा आयुक्त कार्यालय स्थापित करेगा और सेवा आयुक्त का आधिकारिक पद भी सृजित करेगा। यह नया निकाय मौजूदा उद्योग आयुक्त कार्यालय की तर्ज पर काम करेगा।

Manisha Kumari Pandey
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