मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक भर्ती-2025 में डीएलएड अंतिम वर्ष के अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर विवाद बढ़ गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब उन्होंने आवेदन किया था, तब एप्लीकेशन फॉर्म के क्लॉज 49 में साफ लिखा था कि डीएलएड अंतिम वर्ष में पढ़ रहे अभ्यर्थी भी परीक्षा दे सकते हैं। उन्हें दस्तावेज सत्यापन के समय तक अपनी मार्कशीट या डिग्री देनी थी। अब उनका सवाल है कि जब इसी नियम के आधार पर उन्हें परीक्षा में बैठने दिया गया तो नियुक्ति के समय उन्हें अयोग्य क्यों माना जा रहा है?
DPI भोपाल में प्रदर्शन, सर्कुलर जारी करने की मांग
इसी मांग को लेकर शुक्रवार, 8 अगस्त को अभ्यर्थियों ने भोपाल के DPI परिसर में प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि विभाग क्लॉज 49 को लेकर साफ आदेश जारी करे। अभ्यर्थियों ने कहा है कि जब तक उनकी मांग पर फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही दस्तावेज सत्यापन में शामिल करने की मांग भी रखी गई है।
विभाग का जवाब- आवेदन की आखिरी तारीख तक योग्यता जरूरी
दूसरी तरफ DPI कमिश्नर अभिषेक सिंह ने रूल बुक की कंडिका 12.7 का हवाला दिया है। इसके मुताबिक आवेदन की आखिरी तारीख तक उम्मीदवार के पास जरूरी शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यता होना जरूरी था। बस यहीं पूरा मामला फंस गया है। अभ्यर्थी क्लॉज 49 दिखा रहे हैं, जबकि विभाग कंडिका 12.7 की बात कर रहा है।
अभ्यर्थियों का सवाल- फिर क्लॉज 49 क्यों दिया गया?
अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर आवेदन की आखिरी तारीख तक डीएलएड पूरा होना ही जरूरी था, तो क्लॉज 49 में अंतिम वर्ष के छात्रों को परीक्षा देने की अनुमति क्यों दी गई? और यह क्यों लिखा गया कि दस्तावेज सत्यापन तक मार्कशीट या डिग्री देना जरूरी होगा? अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने भर्ती के समय बताई गई शर्तों के आधार पर परीक्षा दी और तैयारी में समय व पैसा लगाया। अब नियम की दूसरी व्याख्या होने से उनकी नियुक्ति पर संकट खड़ा हो गया है।
सरकार को दूर करना होगा भ्रम
अब सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग को साफ करना होगा कि क्लॉज 49 और कंडिका 12.7 में से अभ्यर्थियों पर कौन सी शर्त और किस तरह लागू होगी। भर्ती के बीच नियमों को लेकर ऐसा भ्रम आखिर तक बना रहना हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा सवाल है। अभ्यर्थियों की मांग है कि क्लॉज 49 के मुताबिक उनकी पात्रता पर फैसला लिया जाए और विभाग इस संबंध में स्पष्ट सर्कुलर जारी करे।






