नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मध्यप्रदेश में दलित और आदिवासी समाज आज भी सबसे ज्यादा असुरक्षित है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के 23 जिलों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के खिलाफ अपराधों के 524 हॉट स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जो कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाते हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट पहले ही मध्यप्रदेश को अनुसूचित जनजाति वर्ग के खिलाफ अपराधों में देश में शीर्ष पर और अनुसूचित जाति वर्ग के खिलाफ अपराधों में शीर्ष राज्यों में शामिल बता चुकी है। अब पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट में 524 हॉट स्पॉट चिन्हित होना भाजपा सरकार के सुशासन के दावों की पोल खोलता है।
उमंग सिघार ने एससी-एसटी वर्ग के प्रति बढ़ रहे अपराधों पर सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश के 23 जिलों में 524 हॉट स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां एससी-एसटी समुदाय के खिलाफ सबसे अधिक अपराध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले एनसीआरबी की रिपोर्ट और अब पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट ने भाजपा सरकार के “सुशासन” की असलियत उजागर कर दी है। कांग्रेस नेता ने कहा कि ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, नर्मदापुरम और सागर जैसे जिले सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल हैं।
सीएम से की कार्रवाई की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि आखिर दलितों और आदिवासियों के खिलाफ अपराधों का यह सिलसिला कब रुकेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विज्ञापनों में विकास के दावे करती है लेकिन जमीनी स्तर पर कमजोर, वंचित और आदिवासी समाज भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन जीने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि जब अपराध प्रभावित क्षेत्रों की पहचान के लिए 524 हॉट स्पॉट चिन्हित करने पड़ें, तो यह सिर्फ अपराधियों की सक्रियता नहीं बल्कि शासन की विफलता का भी संकेत है। उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की है कि वे पूरे मामले का संज्ञान लें और प्रदेश में एससी-एसटी समाज के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए ठोस कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक जो किसी भी वर्ग से हो, उसे सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए।






