राष्ट्रसेवा और सामाजिक सहभागिता की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से गांधी जयंती से मध्यप्रदेश में ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान चलाया जाएगा। 2 से 10 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान द्वारा समाज के हर वर्ग को सेवा कार्यों से जोड़ते हुए जनभागीदारी को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा।

सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत आयोजित इस अभियान में समाज के प्रत्येक वर्ग को सेवा कार्यों से जोड़ते हुए स्वच्छता, स्वास्थ्य, वृद्धजनों एवं अनाथ बच्चों की सेवा, नेत्र परीक्षण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, वृक्षारोपण, सैनिकों एवं उनके परिवारों का सम्मान तथा जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता जैसी 9 गतिविधियां प्रदेश में आयोजित की जाएंगी।

इसके लिए जिला, विकासखंड, नगरीय निकाय और ग्राम पंचायत स्तर तक विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, विभागीय अमले और स्थानीय नागरिकों की सहभागिता से सेवा कार्यों को व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।

‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय, वन, उद्यानिकी, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, जनजातीय कार्य, पुलिस, आपदा प्रबंधन सहित संबंधित विभाग अपने-अपने स्तर पर गतिविधियों में सहयोग करेंगे।

2 से 10 अक्टूबर तक ऐसे चलेगा पूरा कार्यक्रम

2 अक्टूबर, पहला दिन: स्वच्छता कर्मियों का सम्मान, प्लास्टिक मुक्त का संकल्प

  • अभियान की शुरुआत ‘स्वच्छता ही सेवा’ गतिविधि से होगी।
  • स्वच्छता कर्मियों का सम्मान करने के साथ प्लास्टिक मुक्त परिसर बनाने का सामूहिक संकल्प दिलाया जाएगा।
  • स्वच्छता जागरूकता रैली और जनसंवाद के माध्यम से गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण तथा वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी।
  • जल स्रोतों, धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों, शासकीय भवनों, उद्यानों, चौराहों, विद्यालयों, बाजारों, चिकित्सालयों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर विशेष स्वच्छता अभियान, श्रमदान तथा सामूहिक संकल्प के कार्यक्रम होंगे।
  • प्रत्येक वार्ड और पंचायत में स्वच्छता बनाए रखने के लिए स्थानीय नागरिकों की जिम्मेदारी तय करने पर भी जोर दिया जाएगा।
  • वन विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन तथा सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी इसमें रहेगी।

3 अक्टूबर, दूसरा दिन: स्वास्थ्य शिविरों में जांच, उपचार और योजनाओं की जानकारी

  • प्रदेश में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। स्वस्थ जीवनशैली और मानसिक संतुलन के संदेश के साथ जिला एवं विकासखंड स्तर पर योग एवं ध्यान सत्र आयोजित किए जाएंगे।
  • सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण और विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्श दिया जाएगा।
  • जरूरतमंदों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के साथ गंभीर मामलों को संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने और आगे के उपचार के लिए मार्गदर्शन की व्यवस्था रहेगी।
  • स्वास्थ्य शिविरों में लोगों को पोषण, स्वस्थ जीवनशैली और रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करने के साथ शासन की स्वास्थ्य योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

4 अक्टूबर, तीसरा दिन: वृद्धाश्रम और अनाथालयों में सेवा

  • वृद्धाश्रमों और अनाथालयों में सेवा गतिविधियां आयोजित होंगी।
  • वृद्धजनों से संवाद कर अनुभव सुने जाएंगे तथा भोजन, फल और दैनिक उपयोग की  सामग्री दी जाएगी।
  • स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श और मनोरंजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से वृद्धजनों के साथ अपनत्व का भाव मजबूत किया जाएगा।
  • अनाथालयों में बच्चों के साथ संवाद, भोजन एवं फल वितरण, कपड़े, जूते-चप्पल, स्टेशनरी तथा दैनिक उपयोग की सामग्री उपलब्ध कराने के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

6 अक्टूबर, चौथा दिन: नेत्र परीक्षण

  • नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित कर विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से दृष्टि संबंधी समस्याओं की जांच की जाएगी।
  • जरूरतमंद लोगों को संभव होने पर निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराए जाएंगे तथा गंभीर मामलों को उपचार अथवा ऑपरेशन के लिए संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने में सहयोग किया जाएगा।

8 अक्टूबर, पांचवा दिन: दिव्यांगजन सशक्तिकरण सेवा

  • दिव्यांगजन सशक्तिकरण से जुड़ी गतिविधियां होंगी।
  • दिव्यांगजनों को कौशल विकास, स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों की जानकारी देने के साथ आवश्यक सामग्री एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा।
  • प्रतिभावान दिव्यांगजनों का सम्मान, उनकी निर्मित सामग्री की प्रदर्शनी और प्रेरक संवाद के माध्यम से सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा दिया जाएगा।

9 अक्टूबर, छठा दिन:  एक पेड़ मां के नाम’ से हरित भागीदारी 

  •  प्रदेश में वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप पौधों का चयन कर रोपण किया जाएगा।
  • ‘एक पेड़ मां के नाम’, ‘एक व्यक्ति-एक पौधा’ और ‘एक परिवार-एक पौधा’ जैसी पहल को जनभागीदारी से आगे बढ़ाया जाएगा।
  • रोपित पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
  • सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके अभिभावकों के सम्मान के लिए कार्यक्रम होंगे।
  • राष्ट्रसेवा में उनके योगदान और अनुभवों पर आत्मीय संवाद के साथ सैनिक परिवारों की आवश्यकताओं के अनुसार सहयोग एवं मार्गदर्शन दिया जाएगा।
  • युवाओं में राष्ट्रसेवा, अनुशासन और कर्तव्यबोध की भावना को मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।

10 अक्टूबर, सातवां दिन: जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री

  • अभियान के अंतिम दिन  जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
  • स्कूल बैग, पुस्तकें, कॉपियां, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म, जूते और अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण किया जाएगा।
  • सक्षम नागरिकों और सामाजिक संगठनों को जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा में दीर्घकालीन सहयोग के लिए जोड़ा जाएगा।
  • मेधावी और जरूरतमंद विद्यार्थियों की निरंतर शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए ‘एक विद्यार्थी-एक संकल्प’ पहल के माध्यम से सहयोग का संकल्प लिया जाएगा।
  • प्रेरक संवाद और मार्गदर्शन के जरिए विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति उत्साह, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की भावना विकसित करने का प्रयास होगा।