भोपाल में बुधवार से मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 की शुरुआत होने जा रही है। दरअसल चार दिन चलने वाले इस आयोजन में 34 देशों के 100 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि और 15 राज्यों के 180 से अधिक घरेलू टूर ऑपरेटर्स शामिल होंगे। इस ट्रैवल मार्ट के दौरान 1100 करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव और समझौतों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इनमें सीहोर का ₹848.40 करोड़ का मेगा निवेश समझौता भी शामिल है।
वहीं भोपाल के कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में होने वाले इस आयोजन में पर्यटन से जुड़े कारोबारियों, टूर ऑपरेटर्स और दूसरे प्रतिनिधियों की बड़ी भागीदारी रहेगी। चार दिनों के दौरान 10 हजार से ज्यादा बी2बी बैठकें प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही 12 रणनीतिक एमओयू, एमओए और अन्य समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान बहुभाषी वेबसाइट के नए संस्करण और डिजिटल हैंडबुक भी लॉन्च की जाएगी।
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मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट का शुभारंभ
दरअसल मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 का शुभारंभ बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी करेंगे। पर्यटन विभाग के मुताबिक इस आयोजन का फोकस केवल टूरिज्म कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश, रोजगार और स्थानीय स्तर पर पर्यटन से जुड़े अवसरों को बढ़ाने पर भी है। राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने इसे प्रदेश के आर्थिक विकास, स्थानीय रोजगार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक जुड़ाव से जोड़ने वाला आयोजन बताया है। सरकार की योजना वर्ष 2030 तक मध्य प्रदेश को देश के प्रमुख एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में आगे बढ़ाने की है। इसके साथ ही प्रदेश की वन्यजीव पहचान को मजबूत करते हुए संरक्षण और पर्यावरण को ध्यान में रखकर पर्यटन को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। पर्यटन क्षेत्र में पीपीपी मॉडल के जरिए सुविधाओं के विस्तार, ग्रामीण होम स्टे को बढ़ावा देने और एआई तथा बहुभाषी डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल की योजना भी बताई गई है। इसका मकसद पर्यटकों को जानकारी और सेवाएं ज्यादा आसान तरीके से उपलब्ध कराना है।
मध्य प्रदेश में 2025 में पहुंचे 21.05 करोड़ पर्यटक
वहीं पर्यटन विभाग के सचिव और एमपी टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. के मुताबिक वर्ष 2025 में प्रदेश में पर्यटकों के आवागमन में 57 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद मध्य प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या 21.05 करोड़ तक पहुंच गई। इसी बढ़ते पर्यटन को निवेश और नए इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ना MPTM 2026 के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। इस बार ट्रैवल मार्ट में दुनिया के 34 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। यूरोप से यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, इटली, ग्रीस, नीदरलैंड्स, पोलैंड, फिनलैंड, बुल्गारिया, बेलारूस, अल्बानिया, हंगरी और स्लोवाकिया जैसे देशों के टूर ऑपरेटर्स और पर्यटन से जुड़े प्रतिनिधि पहुंच रहे हैं। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। एशिया-प्रशांत क्षेत्र से ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस और श्रीलंका के प्रतिनिधियों की भागीदारी रहेगी। पश्चिम एशिया और अफ्रीका से भी प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। भारत के स्तर पर दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गोवा, हरियाणा, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर समेत 15 से ज्यादा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 180 से अधिक घरेलू टूर ऑपरेटर्स हिस्सा लेंगे।
पर्यटन निवेश के साथ 12 बड़े एमओयू और समझौते
वहीं मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 के दौरान पर्यटन क्षेत्र से जुड़े 12 रणनीतिक एमओयू, एमओए और समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इनमें पर्यटन से जुड़े लोगों की स्किल बढ़ाने से लेकर ग्रामीण होम स्टे, बाइक राइडिंग, एडवेंचर और मोटरस्पोर्ट्स टूरिज्म तक कई क्षेत्र शामिल हैं। कौशल विकास के लिए भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (IITTM), ग्वालियर के साथ साझेदारी की जाएगी। इसके पहले चरण में भोपाल के 100 पर्यटक वाहन चालकों को सुरक्षित ड्राइविंग, व्यवहार और ग्राहक सेवा से जुड़ी RPL ट्रेनिंग देकर प्रमाणित किया जाएगा। ग्रामीण पर्यटन को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए ‘ग्राम स्टे’ के साथ समझौता किया जा रहा है जिससे दूरदराज के ग्रामीण होम स्टे को ग्लोबल बुकिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा सके।