भोपाल।
केन्द्रीय बजट 2020 ने नौकरी पेशा लोगो को निराश कर दिया है।बजट ने कर्मचारियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।इंकम टैक्स स्लेब में हुए बदलाव के बाद मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ नाराज हो गया है।संघ का कहना है कि नया स्लैब लेने पर सारी छूट छोड़ना पड़ेगी, क्योंकि नये और पुराने टैक्स दोनो स्लैब पर लागू है ऐसे में आपको तय करना है कि कौन सा उपयुक्त रहेंगा।168 वर्षो के इतिहास में पहली बार आयकर की यह वैकिल्न्पक व्यवस्था लागू हुई है।
मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री लक्ष्मीनारायण शर्मा ने केन्द्री बजट 2020 पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट नौकरी पेशा वेतन भोगी लोगो के लिये घौर निराशाजनक रहा है। आयकर की जो नई स्लैब लागू की गई है वह महज आंकडों की बाजीगीरी है। इस ऐतहासिक बजट में नौकरी पेशा लोगों को विकल्प दिया गया है कि वह पुरानी अथवा नई स्लैव के आधार पर अपना आयकर जमा कर सकते है। यदि नौकरी पेशा नये स्लैब के अनुसार आयकर जमा करेंगे तो उन्हे पहले मिलनी वाली सभी 70 छूटों को छोडना पडेंगा। इस बजट ने वृद्ध पेंशनरों को आय सीमा में मिलने वाली छूट से भी वंचित कर दिया गया है। कुल मिलाकर उम्मीदों के नाम पर खोदा पहाड निकली चुहिया की कहावत लेकर आया है ये बजट।
दरअसल, इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि अब करदाताओं को 5 से 7.5 लाख रुपये की कमाई तक 10 फीसदी टैक्स देना होगा। वहीं 7.5 से 10 लाख रुपये की कमाई तक 15 फीसदी टैक्स का भुगतान करना होगा। 10-12.5 लाख रुपये तक की आय पर 20 फीसद का टैक्स। इसके साथ ही 12.5 लाख रुपये से 15 लाख रुपये तक की कमाई पर अब टैक्स रेट 25 फीसद होगा। 15 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 फीसद की दर से कर का भुगतान करना होगा।हालांकि नयी आयकर व्यवस्था वैकल्पिक होगी। करदाताओं को पुरानी व्यवस्था या नयी व्यवस्था में से चुनने का विकल्प होगा। पुराने टैक्स रेट में रियायत का विकल्प दिया गया है जबकि नए नियम में टैक्स में छूट नहीं दी गई है। अगर आप पुरानी दरों से आयकर भरते हैं तो आप टैक्सेबल इनकम में मिलने वाली तमाम रियायतों का फायदा उठा सकते हैं लेकिन अगर आप निर्मला सीतारमण के ऐलान के मुताबिक नई दरों के हिसाब से टैक्स भरेंगे तो फिर आपको इन रियायतों को छोड़ना होगा।
अब ऐसी होगी नई टैक्स स्लैब…
5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं
10% – 5-7.5 लाख कमाई पर
15% – 7.5 – 10 लाख कमाई पर
20% – 10 – 12.5 लाख कमाई पर
25% – 12.5 – 15 लाख कमाई पर
30% – 15 लाख और अधिक से ऊपर की कमाई पर
अभी तक ये था इनकम टैक्स स्लैब
2,50,000 तक की आय पर – शून्य
2,50,001 से 5 लाख तक की आय पर – 5 प्रतिशत
500001 से 10 लाख तक की आय पर – 20 प्रतिशत
1000001 लाख से अधिक – 30 प्रतिशत






