प्री मानसून एक्टिविटी और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से शनिवार को मध्य प्रदेश के 50 जिलों में 40 से 60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। 7 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ और मालवा-निमाड़, ग्वालियर, महाकौशल, बुंदेलखंड, विंध्य व शहडोल संभाग में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बीते दिन प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई है। श्योपुर में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खरगोन, नरसिंहपुर, खजुराहो, खंडवा और छिंदवाड़ा में तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहा। इंदौर में 35.1 डिग्री, उज्जैन 35 डिग्री, भोपाल 35.5 डिग्री, ग्वालियर 37.9 डिग्री और जबलपुर 37.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। अगले 2–3 दिनों के दौरान मानसून के मध्य अरब सागर के कुछ और भागों, पूरे गोवा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों, कर्नाटक के कुछ और भागों, तमिलनाडु के शेष क्षेत्रों, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और भागों तथा पूर्वांतर भारत के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है। वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ, एक ट्रफ और चक्रवातीय परिसंचरण भी सक्रिय है, इसके असर से 8-9 जून तक मौसम का मिजाज यूही बने रहने का अनुमान है। अगले तीन दिनों तक तापमान में बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है।
शनिवार को इन जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट
- गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, हरदा और बैतूल में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
- भोपाल, रायसेन, राजगढ़, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवा चलने का अनुमान है।
कब होगी मानसून की दस्तक?
मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के 20 से 22 जून के बीच पहुंचने का अनुमान है। सामान्य तौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस बार 5-7 दिन की देर से आने की संभावना जताई जा रही है। केरल में मानसून 4 जून को पहुंच चुका है और आमतौर पर वहां पहुंचने के करीब 15 दिन बाद एमपी में दस्तक होती है।







