अगले 48 घंटों के बाद मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम के मिजाज में बदलाव देखने को मिलेगा। 6 अगस्त को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मानसून गति पकड़ेगा और प्रदेश में भारी बारिश का दौर शुरु हो सकता है। इस दौरान खास करके ग्वालियर, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर जिलों में झमाझम बारिश की संभावना जताई गई है।
फिलहाल दो दिन ( 4-5 अगस्त) बादलों की आवाजाही और बूंदाबांदी का दौर चलता रहेगा। अगले पांच दिनों तक अधिकतम व न्यूनतम तापमान में भी कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। सोमवार को प्रदेश के कहीं भी तेज बारिश नहीं हुई। इंदौर और ग्वालियर में 3 मिलीमीटर पानी गिरा और भोपाल हल्की बौछारें पड़ी।
मौसम विभाग के अनुसार 4 और 5 अगस्त को भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, आलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, रीवा, सतना, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, दमोह, सागर, छिंदवाड़ा, मैहर और पांढुर्णा में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बौछार पड़ सकती है।
मध्य प्रदेश में अब भी सामान्य से 16% कम बारिश
- 1 जून से 3 अगस्त 2026 के बीच मध्य प्रदेश में अब तक औसत से करीब 16 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। अब तक औसतन 15.9 इंच ( 404.2 मिमी) बारिश हुई है जबकी इस अवधि में 19 इंच (482 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। पूर्वी मध्य प्रदेश औसत से 20% और पश्चिमी मध्य प्रदेश औसत से 13% कम पानी गिरा है।
- जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग के जिले सबसे कमजोर स्थिति में हैं। बड़वानी, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, खंडवा और खरगोन ऐसे जिले हैं, जहां सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इसमें देवास में सबसे ज्यादा करीब 29 इंच बरसात हुई है।
- अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, भोपाल, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी कम बारिश हुई है।









