मध्य प्रदेश में सरप्लस बिजली के दावों के बीच बिजली कंपनी के एक आदेश ने सियासत को गरमा दिया है, मध्य प्रदेश मध्यक्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी लिमिटेड के एमडी कार्यालय से जारी आदेश में किसानों को 10 घंटे से ज्यादा बिजली नहीं देने के हिदायत दी है साथ ही यदि इस आदेश का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित कृषि फीडर पर तैनात ऑपरेटर , JE, DGM, GM पर अर्थ दंड लगाया जायेगा जो उसके वेतन से काटा जायेगा, बिजली कंपनी के इस आदेश पर कांग्रेस ने नाराजगी दिखाई है और किसान एवं कर्मचारियों अधिकारियों के साथ अन्याय कह रहे हैं।
दिल्ली में मेट्रो ट्रेन चलाने सहित कई राज्यों को बिजली दे रही मध्य प्रदेश सरकार दावा करती है कि हम अपने प्रदेश में 24 घंटे बिजली दे रहे हैं लेकिन इन दावों में कितनी सच्चाई है ये सरकार के ही एक आदेश से मालूम चलता है, मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी लिमिटेड ने कल सोमवार 3 नवम्बर को एक ऐसा आदेश निकाला है जो उसके दावों की खुद पोल खोल रहा है।
कर्मचारी/अधिकारी के वेतन से होगी वसूली
मध्य क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी लिमिटेड ने मुख्य महाप्रबंधक एके जैन के हस्ताक्षर से जारी आदेश में कृषि फीडरों पर 10 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति होने पर जीएम स्तर तक के अधिकारी के वेतन काटने सम्बन्धी निर्देश जारी किये गए हैं, इन निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि आदेश के उल्लंघन पर आर्थिक दंड दिया जायेगा जिसकी वसूली सम्बन्धी कर्मचारी/अधिकारी के वेतन से होगी।
बिजली कंपनी के आदेश के अहम् निर्देश
- यदि किसी महीने में किसी कृषि फीडर पर 1 दिन में 10 घंटे से अधिक आपूर्ति पाई जाती है, तो संबंधित ऑपरेटर का 1 दिन का वेतन काटा जाएगा।
- यदि किसी महीने में किसी फीडर पर 2 दिन निरंतर प्रतिदिन 10 घंटे से अधिक आपूर्ति पाई जाती है, तो संबंधित कनिष्ठ अभियंता (JE) का 1 दिन का वेतन काटा जाएगा।
- यदि किसी महीने में किसी फीडर पर 5 दिन निरंतर प्रतिदिन 10 घंटे से अधिक आपूर्ति पाई जाती है, तो संबंधित उपमहाप्रबंधक (DGM) का 1 दिन का वेतन काटा जाएगा।
- यदि किसी महीने में किसी फीडर पर 7 दिन निरंतर प्रतिदिन 10 घंटे से अधिक आपूर्ति पाई जाती है, तो संबंधित महाप्रबंधक (GM) का 1 दिन का वेतन काटा जाएगा।
- राज्य शासन के निर्देशानुसार कृषि फीडरों पर निर्धारित अवधि 10 घंटे से अधिक विद्युत प्रदाय पाये जाने पर उक्त आर्थिक दंड के प्रावधान यथावत जारी रहेंगे।
आदेश को कांग्रेस ने कहा बेमानी
सरकार के इस फरमान पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मीडिया से बात करते हुए सिंघार ने कहा पहली बात तो ये किसानों को 10 घंटे बिजली ही नहीं मिलती मात्र चार पांच घंटे बिजली मिलती है। उन्होंने कहा 10 घंटे का आदेश क्यों निकाला समझ से परे है, ये कर्मचारियों/अधिकारियों के साथ बेमानी है, वो तो सरकार के निर्देश पर काम करते हैं।
उमंग सिंघार ने मांगा BJP सरकार से जवाब
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा यह बिजली कर्मचारियों के साथ अन्याय है कर्मचारी सरकार के नियमों के अनुसार काम करते हैं। उन्होंने तंज कसा दिल्ली में मेट्रो ट्रेन चलाना चाहते हैं , लेकिन मध्य प्रदेश की जनता को बिजली नहीं देना चाहते भारतीय जनता पार्टी इसका जवाब दे।






