मध्य प्रदेश के महाविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्वयं पोर्टल पर विद्यार्थियों का निशुल्क पंजीयन कराया जा रहा है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक विद्यार्थी का “स्वयं” पोर्टल पर न्यूनतम एक विषय में पंजीयन अनिवार्य होगा। विभाग ने कहा कि जनवरी 2026 के लिए पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।
विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी, उच्च गुणवत्ता, बहुविषयक एवं नवाचार आधारित शिक्षा एक ही जगह पर ऑनलाइन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही भारत सरकार द्वारा स्वयं (SWAYAM Study Webs of Active–Learning for Young Aspiring Minds) पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विषयों में उच्च गुणवत्ता वाले ऑनलाइन पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं।
“स्वयं” पोर्टल पर विद्यार्थियों का निशुल्क पंजीयन
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्वयं पोर्टल पर विद्यार्थियों का निशुल्क पंजीयन कराया जा रहा है। इन पाठ्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक विद्यार्थी को उत्कृष्ट, सरल एवं समावेशी शिक्षण सामग्री तक समान रूप से पहुंच प्रदान करना है। “स्वयं” पोर्टल का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों को मिल सके, इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा पोर्टल पर विद्यार्थियों का पंजीयन सुनिश्चित कराने के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
एक विषय में पंजीयन अनिवार्य होगा
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक विद्यार्थी का “स्वयं” पोर्टल पर न्यूनतम एक विषय में पंजीयन अनिवार्य होगा। जनवरी 2026 के लिए पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, जिसमें विद्यार्थी अपनी रुचि एवं शैक्षणिक आवश्यकता के अनुरूप संबंधित पाठ्यक्रम का चयन कर पोर्टल की लिंक के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं।
उच्च शिक्षण संस्थानों को निर्देश जारी
विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. दिवा मिश्रा ने बताया कि “स्वयं” पोर्टल से विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी, गुणवत्तापूर्ण, बहुविषयक एवं नवाचार आधारित शिक्षा का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी शैक्षणिक दक्षता, कौशल विकास एवं रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि पंजीयन प्रक्रिया को समय-सीमा में पूर्ण कराने के लिये सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।





