Thu, Jan 1, 2026

नए साल में छोटे दुकानदारों को सीएम डॉ मोहन यादव की बड़ी सौगात, अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक, निर्देश जारी

Written by:Atul Saxena
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अब ऐसी दुकानें एवं संस्थान, जिनमें 20 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, उनके यहाँ श्रम निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण केवल राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा। इससे अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक लगेगी।
नए साल में छोटे दुकानदारों को सीएम डॉ मोहन यादव की बड़ी सौगात, अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक, निर्देश जारी

Dr. Mohan Yadav Chief Minister

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में व्यापार कर अपने परिवार का भरणपोषण  करने वाले छोटे दुकानदारों को नए साल में बड़ा तोहफा दिया है मुख्यमंत्री के निर्देश पर मध्य प्रदेश शासन श्रम विभाग द्वारा मध्य प्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। जिसका सीधा लाभ छोटे दुकानदारों को होगा और कोई श्रम निरीक्षक अनावश्यक रूप से उन्हें परेशान नहीं कर सकेगा।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर किये गए यह संशोधन राज्य में इज ऑफ डुईंग बिजनेस को बढ़ावा देने तथा दुकानदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों पर अनुपालन का अनावश्यक भार कम करने के उद्देश्य से किया गया है। संशोधन के अंतर्गत अब ऐसी दुकानें एवं संस्थान, जिनमें 20 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, उनके यहाँ श्रम निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण केवल राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा। इससे अनावश्यक निरीक्षणों पर रोक लगेगी।

छोटे दुकानदारों और उद्यमियों को मिलेगी राहत  

श्रम विभाग के अपर सचिव बसंत कुर्रे ने बताया है कि इस निर्णय से छोटे दुकानदारों एवं उद्यमियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी। साथ ही दुकानदारों में स्व-अनुपालन की भावना को प्रोत्साहन मिलेगा। व्यापार एवं रोजगार सृजन के लिए अनुकूल वातावरण विकसित होगा। इससे समय, संसाधन एवं लागत की बचत होगी।

श्रम विभाग ने दुकानदारों और उद्यमियों से की ये अपील  

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा छोटे दुकानदारों के प्रति संवेदनशीलता बरती जा रही है और प्रदेश में व्यापार को विश्वास के साथ संचालित करने की नीति अपनाई जा रही है। राज्य सरकार का यह कदम स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि केवल निरीक्षण और दंड की प्रक्रिया से भिन्न यह नीति व्यापारियों के लिये करगर साबित होगी। श्रम विभाग ने सभी दुकानदारों, व्यापार संघों एवं उद्यमियों से अपेक्षा की है कि वे श्रम कानूनों का स्वेच्छा से पालन करें और इस सकारात्मक सुधार का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय का विस्तार करें।