OBC महासभा का विधानसभा घेराव आज, 13% आरक्षित पद बहाल करने की मांग

शिक्षक, पुलिस, मेडिकल एवं अन्य भर्ती परीक्षाओं के कई अभ्यर्थी चयन होने के बाद भी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। इन अभ्यर्थियों के लिए ओबीसी महासभा भोपाल में प्रदर्शन कर रही है।
OBC Mahasabha

भोपाल में आज जहां एक तरफ मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो गया है। वहीं दूसरी तरफ ओबीसी महासभा यहां बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। संगठन की ओर से ओबीसी वर्ग के संवैधानिक अधिकारों और 27 प्रतिशत आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन और लंबे समय से अटके हुए 13% आरक्षित पदों को तत्काल बहाल करने की मांग को लेकर विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया गया है। ओबीसी महासभा के इस बड़े प्रदर्शन में प्रदेश के अलग-अलग स्थलों से विद्यार्थी सामाजिक कार्यकर्ता और ओबीसी संगठन के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हो सकते हैं।

अभ्यर्थी कर रहे नियुक्ति का इंतजार

बता दें कि मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण विवाद का असर हजारों चयनित अभ्यर्थियों पर देखने को मिल रहा है। भर्ती परीक्षाओं में चयन होने के बावजूद भी नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक विभिन्न विभागों के करीब 10000 पद होल्ड पर हैं। यह मामला जबलपुर हाईकोर्ट की विशेष बेंच में नियमित सुनवाई के लिए पहुंच चुका है। जिससे अभ्यर्थियों की उम्मीद एक बार फिर जाग गई है।

ये भर्तियां हुईं प्रभावित

आरक्षण विवाद का असर एक नहीं बल्कि कई विभागों तक देखने को मिल रहा है। इसमें स्कूल शिक्षक भर्ती वर्ग 1, 2 और 3 सहित पुलिस आरक्षक भर्ती, क्षेत्ररक्षक, वनरक्षक, जेल प्रहरी सहित कई भर्तियां प्रभावित हुई है। उम्मीदवारों का चयन वर्षों पहले हो चुका है लेकिन नियुक्ति नहीं मिल पाने की वजह से उनका करियर बीच में अटक गया है। कई उम्मीदवार तो ऐसे हैं जो सरकारी नौकरी की उम्मीद में अपनी निजी नौकरी छोड़ चुके हैं और आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

OBC महासभा की क्या मांग

ओबीसी महासभा की ओर से यह कहा गया है कि पिछड़ा वर्ग लंबे समय से अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है लेकिन सरकार द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा। पर 2019 के आरक्षण से जुड़े मामले लगातार लंबित चल रहे हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। 13% पदों को होल्ड किए जाने की वजह से हजारों अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर से वंचित होना पड़ रहा है। इससे न केवल पिछड़ा वर्ग संवैधानिक अधिकारों से वंचित हो रहा है बल्कि सरकारी सेवाओं में उनका प्रतिनिधित्व भी प्रभावित हो रहा है। महासभा का कहना है कि ओबीसी वर्ग को संविधान के अधिकारों और आरक्षण का पूरा लाभ मिलना चाहिए।यदि सरकार द्वारा जल्दी सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा और प्रदेश पर में चरणबद्ध प्रदर्शन किए जाएंगे।

सुनवाई में आई तेजी

इस मामले में 19 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने जबलपुर हाईकोर्ट को सभी संबंधित याचिकाएं भेजते हुए 90 दिनों के अंदर विशेष बेंच बनाकर सुनवाई पूरी करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 20 जून 2026 को मुख्य न्यायाधीश बदलने के बाद जस्टिस विनय सराफ और आनंद पाठक की विशेष बेंच गठित की गई थी। अब 15 जुलाई से जबलपुर हाईकोर्ट की विशेष बेंच इस मामले में नियमित सुनवाई कर रही है। अदालत ने वकीलों से ये स्पष्ट कह दिया है कि बिना उचित कारण के स्थगन नहीं दिया जाएगा। इसी के साथ बहस केवल कानूनी एवं संवैधानिक पहलुओं तक सीमित रखी जाए।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
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