उमंग सिंघार ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को बदलकर ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ योजना को लेकर एक बार फिर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मनरेगा को लेकर जितनी शिकायतें दर्ज की गई, उनमें से 90 प्रतिशत से अधिक मामलों में कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि ‘जी राम जी के नारे के पीछे की सच्चाई धीरे धीरे सामने आ रही है।’
बता दें कि कांग्रेस लगातार ‘जी राम जी’ को लेकर अपना विरोध जता रही है। उसने मनरेगा बचाओ आंदोलन भी किया है जिसमें मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने, श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करने तथा नया कानून वापस लेने की मांग की जा रही है।
कांग्रेस ने ‘जी राम जी’ को लेकर सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने ‘जी राम जी’ योजना को लेकर बीजेपी को घेरते हुए कहा है कि इस नारे के पीछे की सच्चाई धीरे-धीरे सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में मनरेगा से संबंधित 2221 शिकायतें दर्ज की गई हैं, लेकिन उनमें से सिर्फ 46 का ही निपटारा हुआ है। कांग्रेस नेता ने कहा कि ‘इस तरह लगभग 90 प्रतिशत मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जो भाजपा सरकार के कुशासन का परिणाम है।’
उमंग सिंघार ने लगाए आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने बीजेपी सरकार पर गरीब विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि गरीब मजदूर काम और मजदूरी के लिए भटक रहा है, लेकिन सरकार धृतराष्ट्र बनकर बैठी है। उन्होंने कहा कि ‘मनरेगा मज़दूरों के हक के साथ जी राम जी के नाम पर यह खुला धोखा बंद होना चाहिए।’ उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस मजदूर संगठनों की आवाज हमेशा उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी। बीजेपी द्वारा पिछले साल दिसंबरमें संसद में पेश किए गए VB-G RAM G योजना को लेकर कांग्रेस लगातार हमलावर है। उसका आरोप है कि बीजेपी मनरेगा को समाप्त कर एक तरफ महात्मा गांधी का अपमान कर रही है, वहीं ग्रामीण मजदूरों के 100 दिनों के गारंटी रोजगार के अधिकार को कमजोर किया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि जी राम जी को वापस लेने और मनरेगा की मूल रूप में बहाली के लिए वो हर स्तर पर विरोध जताएगी।





