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भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह फैली, प्रशासन का दावा – ‘3 महीने का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध’

Written by:Rishabh Namdev
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ईरान-इजराइल तनाव के बीच मध्य प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह फैल गई, जिससे पंपों पर लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, प्रशासन और पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने इसे खारिज करते हुए कहा है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है और कुछ पंपों पर कमी एडवांस पेमेंट के नए नियम की वजह से है।
भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह फैली, प्रशासन का दावा – ‘3 महीने का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध’

ईरान-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव की खबरों के बाद मध्य प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाह ने जोर पकड़ लिया। इंदौर, उज्जैन, देवास और आगर-मालवा जैसे शहरों में लोग घबराकर पेट्रोल पंपों की ओर दौड़ पड़े, जिससे कई जगहों पर अफरातफरी का माहौल बन गया और लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह महज एक अफवाह है और प्रदेश में ईंधन का संकट नहीं है।

बुधवार को कई इलाकों में यह खबर तेजी से फैली कि पेट्रोल-डीजल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसका असर यह हुआ कि लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए पंपों पर जमा हो गए। आगर मालवा में तो एक पेट्रोल पंप को रात में कुछ देर के लिए बंद भी करना पड़ा, क्योंकि उसका रिजर्व कोटा खत्म हो गया था।

प्रशासन ने कहा- चिंता की बात नहीं, पर्याप्त है स्टॉक

अफवाहों को रोकने के लिए विभिन्न जिला प्रशासनों ने तुरंत मोर्चा संभाला। भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि अकेले भोपाल में ही 58.79 लाख किलोलीटर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक मौजूद है। यह मात्रा शहर की ढाई से तीन महीने की जरूरत को पूरा करने के लिए काफी है।

इसी तरह, उज्जैन में भी 1605 हजार किलोलीटर पेट्रोल और 2417 हजार किलोलीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। इंदौर जिला प्रशासन ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें, क्योंकि शहर में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है। भोपाल कलेक्टर ने भी लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।

कुछ पंप खाली क्यों दिखे?

यह सवाल उठना लाजिमी है कि अगर संकट नहीं है तो कुछ पंप सूखे क्यों नजर आए। इसका जवाब मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने दिया। उन्होंने बताया कि ईंधन खत्म होने की खबरें पूरी तरह से निराधार हैं।

“पंप सूखने या ईंधन खत्म होने की खबरें सिर्फ अफवाह है। एमपी में कहीं भी संकट नहीं है। दरअसल, सभी कंपनियों ने एक नया नियम लागू किया है कि ईंधन लेने से पहले एडवांस रुपए जमा करने पड़ेंगे। इस वजह से कुछ पंप संचालक, जो करीब 4 से 5 प्रतिशत हैं, फंड की समस्या के चलते समय पर ईंधन नहीं मंगवा पा रहे हैं।” — अजय सिंह, अध्यक्ष, पेट्रोल पंप ओनर्स एसोसिएशन

सिंह ने बताया कि प्रदेश में कुल 4200 पेट्रोल पंप हैं और एडवांस पेमेंट की प्रक्रिया में एडजस्ट करने के कारण कुछ जगहों पर अस्थायी समस्या दिखी, जिसे जल्द ही सुलझा लिया गया।

सप्लाई चेन है पूरी तरह दुरुस्त

अधिकारियों के अनुसार, सप्लाई में कोई रुकावट नहीं है। भोपाल के भौंरी स्थित इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के डिपो से शहर के 192 पंपों को रोजाना करीब 12 लाख लीटर डीजल और 9 लाख लीटर पेट्रोल की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है। दरअसल, LPG सिलेंडर संकट की खबरों के बाद पेट्रोल-डीजल को लेकर भी लोगों में डर बैठ गया, जिसने इस अफवाह को हवा दी। प्रशासन ने साफ किया है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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