हिमाचल प्रदेश सरकार के एक फैसले ने दो पड़ोसी राज्यों, हिमाचल और पंजाब, के बीच तनाव बढ़ा दिया है। बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर एंट्री टैक्स में 100 रुपये तक की बढ़ोतरी के प्रस्ताव के बाद पंजाब में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, वहीं इस मुद्दे की तपिश आज हिमाचल विधानसभा में भी महसूस की जाएगी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस मामले पर सदन में सत्ताधारी कांग्रेस सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर चुकी है।
यह मामला इतना गरमा गया है कि पर्यटन उद्योग से जुड़े लोग भी इसके विरोध में उतर आए हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि इससे राज्य में आने वाले पर्यटकों की संख्या पर बुरा असर पड़ेगा। विवाद को बढ़ता देख मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से फोन पर बात की और आश्वासन दिया है कि सरकार इस फैसले की समीक्षा कर रही है।
सड़क पर उतरे किसान, 10 किलोमीटर लंबा जाम
हिमाचल सरकार के इस कदम के खिलाफ पंजाब में किसान और सामाजिक संगठन सड़कों पर उतर आए हैं। मंगलवार को रूपनगर जिले के घनौली-नालागढ़ मार्ग पर स्थित भैरावल हिमाचल एंट्री प्वाइंट पर प्रदर्शनकारियों ने करीब 2 घंटे तक चक्का जाम किया। इस दौरान हिमाचल सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई, जिससे दोनों तरफ वाहनों की करीब 10 किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। इस प्रदर्शन ने न केवल हिमाचल जाने वाले लोगों को, बल्कि स्थानीय पंजाब निवासियों को भी परेशानी में डाल दिया।
क्या है एंट्री टैक्स का पूरा मामला?
दरअसल, हिमाचल सरकार ने अन्य राज्यों के वाहनों पर लगने वाले एंट्री टैक्स में 100 रुपये तक की बढ़ोतरी का फैसला किया है। नई दरें 1 अप्रैल से लागू करने की योजना है। इसी के जवाब में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी संकेत दिए हैं कि वे भी हिमाचल से आने वाले वाहनों पर इसी तरह का टैक्स लगा सकते हैं, जिससे दोनों राज्यों के बीच विवाद और गहराने की आशंका है।
विधानसभा में गूंजेंगे कई और मुद्दे
एंट्री टैक्स के अलावा आज विधानसभा की कार्यवाही में कई अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न भी उठाए जाएंगे। इस मुद्दे पर बीजेपी विधायक राकेश जम्वाल, सुखराम चौधरी और कांग्रेस विधायक राकेश कालिया ने सवाल लगाए हैं। प्रश्नकाल के बाद सदन में अन्य विषयों पर भी चर्चा होगी।
इनमें मनाली में कचरा प्रबंधन, वनों के संरक्षण और पौधारोपण पर हुए खर्च तथा अधिकारियों-कर्मचारियों के विदेशी दौरों से जुड़े सवाल शामिल हैं, जिन्हें कांग्रेस और बीजेपी के विभिन्न विधायकों ने उठाया है। इसके साथ ही बजट अनुमानों पर चर्चा जारी रहेगी और मुख्यमंत्री सुक्खू चर्चा का जवाब देंगे।






