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हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल-डीजल 5 रुपये तक होगा महंगा, सुक्खू सरकार ने अनाथ-विधवा सेस लगाने वाला बिल विधानसभा में किया पास

Written by:Rishabh Namdev
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हिमाचल प्रदेश में अब पेट्रोल और डीजल खरीदना महंगा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने विधानसभा में 'अनाथ-विधवा सेस' लगाने संबंधी विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया है, जिससे ईंधन की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इस फैसले का असर स्थानीय निवासियों के साथ-साथ राज्य में आने वाले करोड़ों पर्यटकों पर भी पड़ेगा।
हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल-डीजल 5 रुपये तक होगा महंगा, सुक्खू सरकार ने अनाथ-विधवा सेस लगाने वाला बिल विधानसभा में किया पास

हिमाचल प्रदेश में रहने वाले लोगों और पहाड़ों की सैर पर आने वाले पर्यटकों, दोनों की जेब पर महंगाई का बोझ बढ़ने वाला है। प्रदेश की सुक्खू सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर ‘अनाथ-विधवा सेस’ लगाने का फैसला किया है। इसके लिए सोमवार को विधानसभा में विपक्ष के भारी विरोध के बीच हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

इस विधेयक के कानून बनने के बाद राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि होना लगभग तय है। सरकार के इस कदम से न केवल आम आदमी प्रभावित होगा, बल्कि इसका सीधा असर किसानों, बागवानों और पर्यटन उद्योग पर भी पड़ेगा।

क्यों लगाया जा रहा है यह नया सेस?

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में तर्क दिया कि राज्य में अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण के लिए चल रही योजनाओं को एक स्थायी और समर्पित फंड की आवश्यकता है। इसी कमी को पूरा करने के लिए ईंधन पर यह विशेष उपकर लगाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इससे जुटाई गई सारी राशि एक अलग ‘अनाथ एवं विधवा वेलफेयर फंड’ में जमा की जाएगी।

सीएम सुक्खू के अनुसार, इस फंड का इस्तेमाल सीधे जरूरतमंदों की सहायता करने और उनके लिए कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार करने में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के कमजोर तबकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है और यह उपकर उसी दिशा में एक ठोस पहल है।

विपक्ष ने किया कड़ा विरोध

सदन में इस विधेयक पर चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसका जमकर विरोध किया। बीजेपी विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि पेट्रोल पहले से ही बहुत महंगा है और 5 रुपये का अतिरिक्त सेस लगाने से इसकी कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार चली जाएगी, जबकि डीजल भी 90 रुपये के करीब पहुंच जाएगा। उन्होंने इस बढ़ोतरी को तर्कसंगत नहीं बताया।

“अनाथ एवं विधवाओं के लिए लगाए गए सेस का विरोध गलत है। हिमाचल बीजेपी नेता केंद्र सरकार से पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करवाए।” — सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश

विपक्ष के विरोध पर मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि हिमाचल में बीजेपी वही बात कर रही है, जो पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार करती है। उन्होंने बीजेपी नेताओं को केंद्र सरकार से पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करवाने की सलाह दी।

आम जीवन पर क्या होगा असर?

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर व्यापक होगा। ढुलाई महंगी होने से खाद्य वस्तुओं, निर्माण सामग्री जैसे सीमेंट-सरिया और किसानों की फसलों की लागत बढ़ जाएगी। इससे पहाड़ों पर घर बनाना और महंगा हो जाएगा। इसके अलावा, सार्वजनिक परिवहन यानी बसों के किराए में भी इजाफा होने की आशंका है। हर साल हिमाचल आने वाले 3 करोड़ से अधिक पर्यटकों को भी अब अपनी गाड़ियों में महंगा पेट्रोल-डीजल भरवाना पड़ेगा। विधेयक को अब राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद यह कानून के रूप में लागू हो जाएगा।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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