Hindi News

MP के 16 जिलों में 8 से 10 दिसम्बर तक चलेगा पल्स पोलियो अभियान, सीएम डॉ मोहन यादव बोले- बच्चों को अवश्य पिलाएं “दो बूंद जिन्दगी की”

Written by:Atul Saxena
Published:
सीएम डॉ मोहन यादव ने अपील करते हुए कहा, नवजात बच्चों से लेकर 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पल्स पोलियों की "दो बूंद जिन्दगी की" जरूर पिलाएं, जिससे भविष्य में पोलियों से पूर्ण मुक्ति मिल सके।
MP के 16 जिलों में 8 से 10 दिसम्बर तक चलेगा पल्स पोलियो अभियान, सीएम डॉ मोहन यादव बोले- बच्चों को अवश्य पिलाएं “दो बूंद जिन्दगी की”

Bhopal News : पोलियो को जड़ से ख़त्म करने के लिए भारत सरकार के प्रयास रंग लाये है और करीब एक दशक से देश पोलियो मुक्त है लेकिन इसकी निरंतरता बनी रहे इसलिए सतर्क बने रहना भी जरूरी है, यही वजह है कि अलग अलग राज्य सरकारें समय समय पर पल्स पोलियो अभियान चलाती रहती हैं।

मध्य प्रदेश में 8 से 10 दिसंबर तक तीन दिन पल्स पोलियो अभियान चलाया जायेगा, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सब जानते हैं कि पोलियो बच्चों में आजीवन दिव्यांगता पैदा करता है, यह बहुत कष्टप्रद बीमारी रही है। इससे बचाव का एकमात्र उपाय वैक्सीन ही है। वैक्सीन से ही बच्चे और भावी पीढ़ियां सुरक्षित रहती हैं।

इन 16 जिलों में चलेगा पल्स पोलियो अभियान 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के 16 जिलों भिण्ड, भोपाल, छिंदवाड़ा, दतिया, ग्वालियर, इंदौर, कटनी, खरगोन, मंदसौर, नरसिंहपुर, नीमच, निवाड़ी, सतना, श्योपुर, टीकमगढ़ और विदिशा में पल्स पोलियो अभियान चलाया जायेगा।

मुख्यमंत्री की अपील, बच्चों को पल्स पोलियों की “दो बूंद जिन्दगी की” जरूर पिलाएं

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के समस्त नागरिकों से आहवान किया कि सब मिलकर परिवारों को प्रोत्साहित करें और नवजात बच्चों से लेकर 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पल्स पोलियों की “दो बूंद जिन्दगी की” जरूर पिलाएं, जिससे भविष्य में पोलियों से पूर्ण मुक्ति मिल सके।

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
Follow Us :GoogleNews