राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि को लेकर आंदोलनरत शिक्षक अभ्यर्थियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और उन्हें भेजे गए नोटिस वापस लेने की मांग की है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आंदोलन और भूख हड़ताल कर रहे अभ्यर्थियों को भेजे गए नोटिस तत्काल वापस लेने तथा उनके प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनने का अनुरोध किया। उन्होंने वर्ग-2 एवं वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि करने के साथ दूसरे चरण की काउंसलिंग जल्द शुरू करने की मांग भी रखी है।
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखे पत्र में उल्लेख किया है कि इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान शिक्षक अभ्यर्थियों ने वर्ग-2 और वर्ग-3 की भर्ती में पद बढ़ाने का मुद्दा उठाया था। उन्होंने सरकारी स्कूलों में एक लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली होने का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षक भर्ती-2025 में वर्ग-3 के 13,089 और वर्ग-2 के 10,800 पदों पर ही भर्ती निकाली गई है
ये मांग की
उन्होंने कहा कि सीमित पदों के कारण बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थी सरकारी शिक्षक बनने के अवसर से वंचित हो रहे हैं। इनमें कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा में अच्छे अंक हासिल किए हैं, जबकि कई अतिथि शिक्षक के रूप में सेवाएं भी दे रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि लंबे समय से इंतजार कर रहे कुछ अभ्यर्थी आयु सीमा के करीब पहुंच गए हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि “हैरानी की बात है कि आज अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए ये शिक्षक अभ्यर्थी आंदोलन और भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर हैं, और तब भी इनकी बात सुनने के बजाय सरकार उन्हें नोटिस भेज कर डराने की कोशिश कर रही है।” उन्होंने मुख्यमंत्री से माँग की है कि आंदोलन पर बैठे अभ्यर्थियों को भेजे गए नोटिस तुरंत वापस लिए जाएं और उनके प्रतिनिधियों से मिलकर उनकी बात सुनी जाए।
जीतू पटवारी ने किया समर्थन
जीतू पटवारी ने राहुल गांधी के पत्र का समर्थन करते हुए कहा कि सच और न्याय के लिए आवाज उठाना संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने सरकार पर शिक्षकों को डराने का आरोप लगाते हुए कहा कि बेहतर होगा कि सरकार अभ्यर्थियों की मांगें मंजूर करे और उनके साथ न्याय करे। पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश का युवा सरकार के हर झूठे वादे और अत्याचार को दर्ज कर रहा है।
मुख्यमंत्री जी,
सच व न्याय के लिए आवाज उठाना संवैधानिक अधिकार है! शिक्षकों को डराने वाली भाजपा सरकार याद रखे, मप्र का युवा एक-एक झूठा वादा, हर-एक अत्याचार दर्ज कर रहा है!बेहतर यही होगा,
मांगें मंजूर करें, न्याय करें!@DrMohanYadav51@INCIndia | @RahulGandhi https://t.co/oocRJ8YnsW— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) October 5, 2026






