मानसून के कमजोर होने और भारी बारिश का दौर थमने से मध्य प्रदेश में फिर गर्मी और उमस का अहसास होने लगा है। कई शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री पार पहुंच गया है। कोई मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय ना होने के चलते अगले 5 दिन तेज बारिश के आसार नहीं हैं हालांकि हल्की बारिश और बूंदाबांदी का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग की मानें तो 20 जुलाई के बाद मानसून के दोबारा एक्टिव होने की उम्मीद है, इससे जुलाई अंत में भारी बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।
बुधवार को कहां कैसा रहेगा मौसम
- इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, धार, आलीराजपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में हल्की बारिश हो सकती है।
- भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, जबलपुर, सागर, छतरपुर और टीकमगढ़ में उमस व गर्मी परेशान कर सकती है।
मध्य प्रदेश में 1 जून से 15 जुलाई तक के बारिश के आंकड़े
1 जून से 15 जुलाई 2026 के बीच मध्य प्रदेश में अब तक औसत से करीब 7 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस अवधि में औसतन 9.5 इंच (241.8 मिमी) बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य बारिश 10.2 इंच (260 मिमी) मानी जाती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 21% से कम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 6% से अधिक पानी गिरा है। जबलपुर, शहडोल, सागर और रीवा संभाग में स्थिति ज्यादा कमजोर है। देवास में सर्वाधिक सामान्य से 102 प्रतिशत ज्यादा यानि 18 इंच बारिश हुई है। आलीराजपुर केवल सवा दो इंच यानि सामान्य से 74 प्रतिशत कम पानी गिरा है।
सामान्य से अधिक बारिश वाले जिले: आगर-मालवा, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, उज्जैन, विदिशा, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना और सिवनी।
सामान्य से कम बारिश वाले जिले: अनूपपुर, बालाघाट, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, रीवा, सागर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, दतिया, धार, झाबुआ, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन और शिवपुरी ।







