मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ द्वारा श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित करने के बाद कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। वहीं, बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस मामले पर कहा है कि यह न्यायालय का फैसला है और इस पर राजनीतिक टिप्पणी करना उचित नहीं है।

बीजेपी नेता ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि इस मामले में दोनों तरफ से अदालत में अपना-अपना पक्ष रखा गया और अदालत ने सुनवाई के बाद निर्णय दिया है। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया था, इसलिए अदालत के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।

रामेश्वर शर्मा ने कहा ‘अदालत के फैसले का सम्मान है’ 

मध्यप्रदेश हाई कोर्ट द्वारा विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव निरस्त किए जाने के बाद इस मामले पर कांग्रेस और बीजेपी दोनों दलों से प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं। भाजपा नेता रामेश्वर शर्मा ने इस मामले पर कहा कि यह अदालत का फैसला है और इस पर राजनीतिक टिप्पणी करने के बजाय न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिनका चुनाव रद्द हुआ है, उन्हें सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार है। बीजेपी नेता ने कहा कि कि अदालत के फैसलों पर अनावश्यक टिप्पणी नहीं की जाती और यदि कोई पक्ष असहमत है तो वह सर्वोच्च न्यायालय में अपील कर सकता है।

क्या है मामला

बता दें कि विजयपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मुकेश मल्होत्रा ने भाजपा के रामनिवास रावत को लगभग सात हजार से अधिक मतों से हराया था। चुनाव परिणाम के बाद रावत ने मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि मल्होत्रा ने नामांकन के समय अपने हलफनामे में आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी नहीं दी। इस मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने इसे चुनाव कानून का उल्लंघन मानते हुए मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित कर दिया और दूसरे स्थान पर रहे भाजपा नेता रामनिवास रावत को निर्वाचित घोषित कर दिया है। हालांकि अदालत ने मुकेश मल्होत्रा को इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए समय भी दिया है।