बिहार की सियासत में अगले मुख्यमंत्री को लेकर चल रहा सस्पेंस और गहरा गया है। एक तरफ नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाएं हैं, तो दूसरी तरफ उनकी कुर्सी के दावेदारों के नाम हवा में तैर रहे हैं। इस सियासी धुंध के बीच मंगलवार (10 मार्च, 2026) को BJP ने पहली बार इस मुद्दे पर अपना रुख साफ किया है।
बिहार सरकार में कृषि मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता रामकृपाल यादव ने दो टूक कहा कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा और किस पार्टी का होगा, यह अटकलों का विषय नहीं है।
तो फैसला कौन करेगा?
रामकृपाल यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “एनडीए में सभी निर्णय सामूहिक रूप से नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं। यह तय किया जाएगा कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा और वह व्यक्ति किस पार्टी का होगा, इसलिए इस बारे में अटकलें लगाना उचित नहीं है।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब मीडिया में सम्राट चौधरी समेत कई नामों पर कयास लगाए जा रहे हैं। BJP के इस स्टैंड ने साफ कर दिया है कि आखिरी फैसला गठबंधन का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा, जिसमें पार्टी की केंद्रीय भूमिका अहम होगी।
नीतीश की तारीफ, लेकिन कुर्सी पर सस्पेंस
हालांकि, रामकृपाल यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार दूरदृष्टि के साथ काम करते हैं और बिहार की जनता को अपना ‘प्राण’ मानते हैं।
उन्होंने कहा, “नीतीश जी ने बिहार न छोड़ने का संकल्प लिया है। वे लोगों से मिल रहे हैं और उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।”
नीतीश की तारीफ के बावजूद, उनके उत्तराधिकारी पर सवाल जस का तस बना हुआ है। BJP के इस बयान ने फिलहाल व्यक्तिगत दावों और अटकलों पर लगाम लगाने की कोशिश की है, लेकिन पर्दे के पीछे की सियासत और तेज हो गई है। अब सारी निगाहें NDA की उस बैठक पर टिक गई हैं, जहाँ बिहार के अगले मुखिया का नाम तय होना है।






