भोपाल। पदोन्नति में आरक्षण के खिलाफ सपाक्स कार्यकर्ताओं ने बुधवार को बाइक रैली निकाली। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा उत्तराखंड सरकार के मामले में पारित निर्णय को लागू करने, मध्यप्रदेश में पदोन्नति में आरक्षण मामले में उच्च न्यायालय के निर्णय को लागू करने के समर्थन में ये रैली आयोजित की गई । सपाक्स और सपाक्स समाज संस्था पहले ही घोषित कर चुकी हैं कि आरक्षण को 9 वीं अनुसूची में डालने के किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं किया जाएगा। आज भी सरकार मान सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व में जारी किसी भी निर्देश का पालन नहीं कर रही है। और जो नियम मान न्यायालय द्वारा असंवैधानिक घोषित हैं, उन्हीं के अन्तर्गत पात्र लोगों को दरकिनार कर ऐसे लोगों की पदोन्नति का प्रयास कर रही है, जिन्हें पदावनत होना है। आज प्रदेश में इन नियमों के कारण जिस प्रकार का वर्ग विभाजन शासकीय कर्मियों में हो चुका है, उसका खामियाजा सामान्य जन उठा रहा है। सपाक्स अबतक खामोश रही कि नई सरकार कोई सार्थक कदम उठाएगी। लेकिन अब सपाक्स पहले की तरह पूरे प्रदेश में इस मुद्दे पर जन सामान्य के बीच जाएगी। सरकार एक वर्ग विशेष के पक्ष में मान न्यायालयों के निर्णयों को पलटने के लिए संविधान संशोधन का सहारा लेती है। एट्रोसिटी एक्ट में देश यह देख चुका है अब आरक्षण के संबंध में इस प्रकार की कार्यवाई का विरोध किया जाएगा। सपाक्स के वाहन रैली में सपाक्स संस्थापक अजय जैन सपाक्स अध्यक्ष केएस तोमर, आलोक अग्रवाल समेत भोपाल जिला इकाई की समस्त टीम इस यात्रा में शिरकत की
पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में फिर सड़क पर उतरा सपाक्स
Written by:Gaurav Sharma
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इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






