मध्यप्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दावा-आपत्ति चरण के अंतिम दिन राजनीतिक विवाद गरमा गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल आज भोपाल स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय पहुंचा और लिखित ज्ञापन सौंपकर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और साजिश के आरोप लगाए। इसी के साथ उन्होंने कहा कि यदि किसी भी बूथ पर अवैध रूप से नाम जोड़ने या हटाने की अनियमितता पाई गई तो कांग्रेस एफआईआर दर्ज कराएगी।
कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में हो रही गड़बड़ियां लोकतंत्र पर हमला हैं और इससे नागरिकों के मताधिकार को कमजोर किया जा रहा है। ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत में जीतू पटवारी ने कहा कि हाल के दिनों में मतदाता सूची में तीन दिनों के भीतर 11 लाख नए नाम जोड़े जानेऔर साथ ही लाखों मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक चरण में नामों की संख्या 4 लाख बताई गई, तो अचानक यह आंकड़ा 13 लाख तक कैसे पहुंच गया।
SIR को लेकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग में ज्ञापन सौंपा
जीतू पटवारी, आरिफ मसूद जी, पीसी शर्मा जी, मुकेश नायक जी सहित कई दिग्गज कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने आज निर्वाचन आयोग कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि हाल ही में मतदाता सूची में 11 लाख नए नाम जोड़े जाने और साथ ही लाखों कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतें आई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई जिलों से यह तथ्य भी सामने आए हैं कि एक ही व्यक्ति द्वारा 200–200 आपत्तियां दर्ज कराई गईं। यह न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पूरी SIR प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
कई बीएलओ पर बीजेपी के दबाव में काम करने का आरोप, FIR की चेतावनी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर भाजपा के BLA और कुछ BLO की मिलीभगत से मतदाताओं पर दबाव बनाकर फॉर्म-7 जबरन भरवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में पलायन कर चुके ऐसे मतदाता, जिन्होंने सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली थी..उनके नाम भी मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा बड़े अंतर से चुनाव जीती, वहां बड़ी संख्या में मतदाता नाम हटाए गए जो “वोट चोरी” की ओर इशारा करता है। जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश के लगभग 95 प्रतिशत BLO ईमानदारी से कार्य कर रहे हैं, लेकिन शेष 5 प्रतिशत बीएलओ पर राजनीतिक दबाव में काम करने के आरोप हैं। जीतू पटवारी ने कहा कि अगर एक बूथ पर भी अनियमतायें मिली या अवैध नाम जोडा गया तो हम एफआईआर कराएंगे।
निर्वाचन आयोग से कार्रवाई की मांग
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग से मांग की कि गड़बड़ी में संलिप्त BLO पर तत्काल कार्रवाई की जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और SIR सहित मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया में आयोग के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। कांग्रेस ने दोहराया कि पार्टी हर नागरिक के मतदान अधिकार की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और लोकतंत्र से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं करेगी।





