कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश में स्मार्ट मीटर परियोजना पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भोपाल में 3.79 लाख स्मार्ट मीटर लग जाने के बावजूद हालात जस के तस हैं। इससे न तो बिजली चोरी रुकी है न ह ट्रिपिंग बंद हुई। उन्होंने कहा कि “मैं लगातार स्मार्ट मीटर की इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाता रहा हूं, लेकिन सरकार ने हर बार इसे नजरअंदाज किया है।”
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद लोगों को और ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो यह सिर्फ एक विफल योजना नहीं बल्कि जनता के साथ अन्याय भी होगा।
उमंग सिंघार ने स्मार्ट मीटर परियोजना को लेकर सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने स्मार्ट मीटर परियोजना पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि राजधानी में अब तक करीब 3.79 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, इसके बावजूद बिजली व्यवस्था में कोई ठोस सुधार देखने को नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो बिजली चोरी पर अंकुश लग पाया है और न ही ट्रिपिंग की समस्या खत्म हुई है, जबकि इस योजना का मुख्य उद्देश्य ही इन खामियों को दूर करना था। कांग्रेस नेता ने कहा कि राजधानी भोपाल में मेंटेनेंस के नाम पर रोजाना 50-100 कॉलोनियों में 4-5 घंटे बिजली कटौती हो रही है। AT&C लॉस अब भी करीब 19% पर अटका हुआ है। नए सब-स्टेशन और नेटवर्क सुधार के काम सुस्त पड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने नेटवर्क सुधार पर ध्यान नहीं दिया तो यह परियोजना सिर्फ पैसे की बर्बादी नहीं, बल्कि भोपालवासियों के साथ अन्याय साबित होगी।
अब तक 3.79 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए गए
बता दें कि केंद्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत भोपाल में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चला। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (MPMKVVCL) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 तक भोपाल सिटी सर्कल में ही 3.30 लाख से ज्यादा मीटर लग चुके थे और अब मार्च तक यह संख्या 3.79 लाख पहुंच गई है। पूरे MPMKVVCL क्षेत्र में कुल 6.57 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। योजना का मकसद AT&C लॉस को 12-15% तक लाना और हफ्ते में चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना था। हालांकि कांग्रेस इस योजना को लेकर लंबे समय से सवाल उठाती आई है और अब एक बार फिर उमंग सिंघार ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है।






