उमंग सिंघार ने भाजपा पर लोकतंत्र पर हमला करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मई में होने वाले राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए बीजेपी द्वारा कांग्रेस विधायकों को तोड़ने-खरीदने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसमें असफल होने पर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ पुराने मामलों को हथियार बनाया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती और विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के मामलों का उल्लेख करते हुए इसे “दोहरा मापदंड” और “सत्ता का दुरुपयोग” करार दिया है। उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए भाजपा की बेकाबू कोशिशें अब साफ उजागर हो रही हैं।
बीजेपी पर कांग्रेस विधायकों को “तोड़ने और खरीदने” की कोशिश का आरोप
मध्यप्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा पर लोकतंत्र को कमजोर करने और सत्ता के लिए अनुचित तरीकों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस विधायकों को “तोड़ने” और “खरीदने” की कोशिश कर रही है और उनपर दबाव बनाया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जब भाजपा अपने प्रयासों में सफल नहीं हो पा रही है तो कांग्रेस विधायकों के खिलाफ पुराने मामलों को सक्रिय कर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे “लोकतंत्र पर हमला” करार दिया है।
उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के मामले को निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ राजेंद्र भारती को 25 साल पुराने मामले में सजा सुनाकर तुरंत कार्रवाई की जाती है, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेताओं के मामले सालों तक लंबित रहते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के “पेड न्यूज” मामले का जिक्र करते हुए कहा कि यह मामला लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के मामलों में ढील और विपक्ष के मामलों में तेजी..यह दोहरे मापदंड का स्पष्ट उदाहरण है।
कहा “दबाव और साजिश से सत्ता बनाए रखने की कोशिश”
कांग्रेस नेता ने कहा है कि विपक्ष के जो विधायक भाजपा के प्रभाव या दबाव में आने को तैयार नहीं हैं उन्हें पुराने या झूठे मामलों के जरिए चुनावी प्रक्रिया से दूर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि “यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग का खुला उदाहरण है।” उमंग सिंघार ने कहा कि विधायकों को डराकर, सजा दिलाकर और सदस्यता छीनकर चुनाव जीतने की कोशिश यह साबित करती है कि भाजपा जनता के विश्वास से नहीं, बल्कि दबाव और साजिश से सत्ता बनाए रखना चाहती है।






