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MP में बजट की 30% राशि खर्च नहीं कर पाए विभाग, उमंग सिंघार ने सरकार की नीति और नीयत पर उठाए सवाल

Written by:Shruty Kushwaha
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नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक कमी नहीं, बल्कि सरकार की मंशा पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि जब जनता महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रही है तब विकास के लिए आवंटित धन का उपयोग न होना सरकार की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े करता है।
MP में बजट की 30% राशि खर्च नहीं कर पाए विभाग, उमंग सिंघार ने सरकार की नीति और नीयत पर उठाए सवाल

Umang Singhar

मध्यप्रदेश में बजट खर्च को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि “डबल इंजन” सरकार की वास्तविकता अब आंकड़ों में सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और बदहाल स्वास्थ्य व शिक्षा व्यवस्था से जूझ रही है, तब सरकार विकास के लिए आवंटित धन का भी पूरी तरह सही उपयोग नहीं कर पा रही है।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में बजट की बड़ी राशि खर्च ही नहीं हो पाई और लगभग 30 प्रतिशत बजट फाइलों में ही दबा रह गया। उन्होंने इसे सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि सरकार की नीयत और नीतियों दोनों की विफलता करार दिया है।

बजट की लगभग तीस फीसदी राशि खर्च नहीं कर पाए विभाग

ट्रेजरी के एक अप्रैल के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार मूल बजट के अलावा तीन अनुपूरक बजट मिलाकर विभागों को कुल लगभग 4.91 लाख करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए थे। लेकिन पूरे वित्तीय वर्ष में मात्र 3.16 लाख करोड़ रुपये ही खर्च हो सके। लगभग 1.74 लाख करोड़ रुपये (30 प्रतिशत से अधिक) राशि खर्च नहीं हो पाई और फाइलों में दबकर रह गई।

उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

इस मुद्दे पर उमंग सिंघार ने सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार की “डबल इंजन” वाली सरकार के विकास के दावों की सच्चाई अब में पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार करीब 1.74 लाख करोड़ रुपये खर्च ही नहीं हो पाए, यानी 30% बजट फाइलों में दबा रह गया। जब जनता महंगाई, बेरोज़गारी और बदहाल स्वास्थ्य-शिक्षा व्यवस्था से जूझ रही है, तब सरकार विकास का पैसा भी जमीन पर नहीं उतार पा रही। उन्होंने कहा यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि नीयत और नीतियों दोनों की विफलता है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जो सरकार जनता के लिए आवंटित धन खर्च नहीं कर सकती, वह विकास का दावा किस आधार पर कर रही है। उन्होंने कहा कि अब मध्यप्रदेश की जनता हिसाब मांग रही है और सरकार को रुके हुआ विकास, बेकार पड़ी राशि को लेकर जवाब देना होगा।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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