मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के एक छोटे से गांव धमना में खेल-खेल में हुआ एक हादसा पूरे इलाके को झकझोर गया। जहां एक मासूम बच्ची, जो शायद सिर्फ खेल रही थी, उसे यह अंदाजा भी नहीं था कि उसका एक छोटा सा कदम उसकी जिंदगी छीन लेगा। यह घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।
गांवों में अक्सर ट्रैक्टर जैसे भारी वाहन खुले में खड़े रहते हैं और उनकी चाबियां भी लगी रहती हैं। यही लापरवाही इस मामले में जानलेवा साबित हुई। 5 साल की बच्ची चांदनी अहिरवार ने ट्रैक्टर की चाबी घुमा दी और कुछ ही पलों में सब कुछ बदल गया।
कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम
धमना गांव में कैलाश अहिरवार का ट्रैक्टर घर के पास खड़ा था। ट्रैक्टर में चाबी लगी हुई थी। इसी दौरान उनकी 5 साल की बेटी चांदनी खेलते-खेलते ट्रैक्टर पर चढ़ गई। बच्ची ने मासूमियत में चाबी घुमा दी, जिससे ट्रैक्टर अचानक स्टार्ट हो गया। किसी को कुछ समझ आता, उससे पहले ही ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर आगे बढ़ा और ट्रॉली सहित सीधे पास के गहरे कुएं में जा गिरा।
गांव में मचा हड़कंप, शुरू हुआ रेस्क्यू
जैसे ही ट्रैक्टर के कुएं में गिरने की आवाज आई, गांव में हड़कंप मच गया। लोग दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। बमीठा थाना प्रभारी आशुतोष श्रोत्रिय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया और क्रेन की मदद से ट्रैक्टर और बच्ची को बाहर निकाला गया। लेकिन जब तक बच्ची को बाहर निकाला गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एक छोटी सी गलती बनी बड़ी वजह
इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऐसी घटनाएं क्यों होती हैं। ट्रैक्टर में चाबी लगी छोड़ देना एक बड़ी लापरवाही थी, जिसका खामियाजा एक मासूम को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।
हम देखते हैं कि गांवों और कस्बों में अक्सर भारी वाहन खुले में खड़े रहते हैं और उनकी सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जाता। बच्चों के लिए यह बहुत खतरनाक साबित हो सकता है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। एक हंसती-खेलती बच्ची की अचानक मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। परिवार के लिए यह दुख असहनीय है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के लोग भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं।






