भाई-बहन के प्यार का प्रतीक भाई दूज का त्योहार एक परिवार के लिए गहरे दुख में बदल गया। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के महाराजपुर क्षेत्र में फूफा के घर टीका करवाने आए एक 7 वर्षीय बालक की तालाब में डूबने से मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना ने छतरपुर के महाराजपुर इलाके समेत पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया।
सबसे भावुक पल तब सामने आया जब अपने छोटे भाई को डूबता देख उसकी बड़ी बहन ने बिना सोचे-समझे तालाब में छलांग लगा दी। वह भाई को बचाने की कोशिश करती रही, लेकिन खुद भी पानी में डूबने लगी। गांव वालों ने तुरंत दोनों को बाहर निकाला और छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
भाई दूज मनाने आया था मासूम
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के ग्राम पवा निवासी अमित रैकवार अपने परिवार के साथ भाई दूज का त्योहार मनाने के लिए मध्य प्रदेश के महाराजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पुरमऊ आया था।
अमित अपने फूफा छोटेलाल रैकवार के घर आया हुआ था। त्योहार के माहौल में घर में खुशी का माहौल था। लेकिन किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह दिन परिवार के लिए इतनी बड़ी त्रासदी बन जाएगा।
तालाब में नहाते समय हुआ हादसा
गुरुवार को अमित अपनी बड़ी बहन नैंसी रैकवार के साथ घर के पीछे बने तालाब में नहाने चला गया। दोनों बच्चे तालाब में खेलते और नहाते हुए काफी देर तक पानी में रहे। इसी दौरान अचानक अमित तालाब के एक गहरे गड्ढे में फंस गया और डूबने लगा। पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका।
भाई को बचाने कूदी बहन
जब बहन नैंसी ने अपने छोटे भाई को पानी में डूबते देखा तो वह घबरा गई। बिना समय गंवाए उसने तुरंत तालाब में छलांग लगा दी और अपने भाई को बाहर निकालने की कोशिश करने लगी। नैंसी ने कई बार अपने भाई को पकड़ने और खींचने की कोशिश की, लेकिन तालाब में मौजूद गहरे गड्ढे की वजह से वह उसे बाहर नहीं निकाल सकी। इस दौरान वह खुद भी पानी में डूबने लगी।
ग्रामीणों ने बचाई बच्चों की जान
तालाब के पास मौजूद लोगों ने बच्चों को पानी में छटपटाते देखा तो तुरंत शोर मचाया। गांव के कई लोग तुरंत तालाब में कूद गए और बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश करने लगे। ग्रामीणों ने सबसे पहले नैंसी को बाहर निकाला, क्योंकि वह पानी के ऊपर दिखाई दे रही थी। अमित कहीं नजर नहीं आ रहा था, इसलिए गांव वालों ने उसे खोजने का प्रयास शुरू किया।
काफी देर तक तलाश करने के बाद ग्रामीणों को अमित तालाब के अंदर मिला। उसे तुरंत बाहर निकाला गया और परिवार के लोग उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद अमित को मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनते ही परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
बहन की हालत गंभीर
तालाब में डूबने के कारण नैंसी की हालत भी काफी गंभीर हो गई थी। डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल के पीआईसीयू में भर्ती किया है।
जहां उसका इलाज जारी है और डॉक्टर लगातार उसकी हालत पर नजर रखे हुए हैं।
इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। भाई दूज के दिन भाई को तिलक लगाने आई बहन अब अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है।
वहीं परिवार ने एक मासूम बच्चे को हमेशा के लिए खो दिया।
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया है। जिस घर में त्योहार की खुशियां थीं, वहां अब केवल सन्नाटा और दुख दिखाई दे रहा है।
गांव के लोग भी इस घटना से बेहद दुखी हैं।






