मंडी और आसपास के जिलों की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शुक्रवार का दिन अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज, नेरचौक में आधुनिक रोबोटिक सर्जरी सुविधा की शुरुआत करेंगे। यह कदम सरकारी स्वास्थ्य ढांचे में उन्नत तकनीक को जमीन पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अब जटिल सर्जरी के लिए मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भरता कुछ हद तक कम करनी पड़ सकती है।
सरकारी कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री सुबह हेलिकॉप्टर से सुंदरनगर पहुंचेंगे। यहां से वे सड़क मार्ग से नेरचौक मेडिकल कॉलेज जाएंगे और नई सुविधा का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इस दौरान संस्थान के कामकाज, विस्तार और भविष्य की स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर भी समीक्षा प्रस्तावित है।
रोबोटिक सर्जरी सुविधा से क्या बदलेगा
रोबोटिक सर्जरी तकनीक का सबसे बड़ा असर ऑपरेशन की सटीकता पर माना जाता है। अस्पताल स्तर पर इसका मतलब है कि कई जटिल प्रक्रियाएं अधिक नियंत्रित तरीके से की जा सकेंगी और सर्जिकल जोखिम अपेक्षाकृत कम हो सकता है। मरीजों के नजरिये से देखा जाए तो कम दर्द, कम समय में रिकवरी और इलाज के दौरान बेहतर क्लिनिकल सपोर्ट जैसी संभावनाएं इससे जुड़ती हैं।
नेरचौक मेडिकल कॉलेज में इस सुविधा के शुरू होने से मंडी के साथ आसपास के इलाकों के मरीजों को उन्नत इलाज के विकल्प स्थानीय स्तर पर मिलने की उम्मीद है। अभी तक जिन मामलों में बाहर रेफरल की जरूरत पड़ती थी, उनमें से कुछ का प्रबंधन राज्य के भीतर ही संभव हो सके, इसी लक्ष्य के साथ इस व्यवस्था को जोड़ा जा रहा है।
फैकल्टी बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस
शुभारंभ कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी मेंबर्स के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में संस्थान की आगे की कार्ययोजना, चिकित्सा सेवाओं की क्षमता बढ़ाने के उपाय और क्षेत्रीय जरूरतों के मुताबिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार की प्राथमिकता यह बताई जा रही है कि तकनीकी निवेश केवल उद्घाटन तक सीमित न रहे, बल्कि उसे नियमित सेवा-प्रदाय से जोड़ा जाए।
मेडिकल शिक्षा और उपचार, दोनों मोर्चों पर इस तरह की सुविधा का असर पड़ता है। एक तरफ मरीजों को उन्नत सर्जिकल विकल्प मिलता है, दूसरी तरफ संस्थान में विशेषज्ञता आधारित काम का दायरा बढ़ता है। इसी कारण नेरचौक में रोबोटिक सर्जरी को सिर्फ एक उपकरण जोड़ने के बजाय स्वास्थ्य प्रणाली के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।
नाचन में विकास परियोजनाओं के कार्यक्रम भी तय
नेरचौक कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री नाचन विधानसभा क्षेत्र के दियारगी जाएंगे। यहां वे करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इसके साथ एक जनसभा को भी संबोधित करने का कार्यक्रम तय है, जिसमें स्थानीय विकास कार्यों और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर बात होने की उम्मीद है।
दिन के अंत में मुख्यमंत्री दोपहर बाद फिर सुंदरनगर लौटेंगे और वहां से हेलिकॉप्टर के जरिए शिमला रवाना होंगे। कुल मिलाकर आज का कार्यक्रम स्वास्थ्य और क्षेत्रीय विकास—दोनों एजेंडा को साथ लेकर चलने वाला है। नेरचौक में चिकित्सा तकनीक का विस्तार और नाचन में परियोजनाओं की शुरुआत, सरकार की जिला-स्तरीय सक्रियता को एक ही दिन में दो अलग मोर्चों पर दिखाएगी।






