मध्यप्रदेश में सड़क निर्माण की गुणवत्ता के मुद्दे पर एक बार कांग्रेस प्रदेश सरकार पर हमलावर है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुरैना में निर्माणाधीन सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से बन रही सड़क निर्माण के दौरान ही उखड़ने लगी, जिसका वीडियो ग्रामीणों ने बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा सरकार में “भ्रष्टाचार की सड़कें भी अब गारंटी के साथ नहीं, हाथ लगाते ही उखड़ रही हैं।” उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य में गुणवत्ता का पालन नहीं किया जा रहा है और जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। इसी के साथ उन्होंने इस मामले की जांच की मांग की है।
कांग्रेस ने लगाया मुरैना में सड़क निर्माण को लेकर भ्रष्टाचार का आरोप
मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार के विकास मॉडल पर सवालिया निशान लगाते हुए उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि अब सड़कें भी गारंटी के साथ नहीं बन रही हैं। उन्होंने कहा कि उमंग सिंघार ने कहा कि मुरैना में करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से बन रही एक सड़क निर्माण के दौरान ही उखड़ने लगी और ग्रामीणों ने इसकी वीडियो बनाकर सार्वजनिक कर दिया, जिसमें सड़क की खराब गुणवत्ता साफ दिख रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने ठेकेदार के कथित बयान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ठेकेदार ने कहा कि यदि कोई कमी है तो उसे सुधार दिया जाएगा और प्रतिस्पर्धा के कारण अधिक बचत नहीं हो पाती। कांग्रेस का कहना है कि यह बयान खुद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सड़क निर्माण के दौरान ही उखड़ रही है तो जनता के करोड़ों रुपये आखिर किस स्तर के कार्य पर खर्च किए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदेश में यह कोई पहली घटना नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले भी पुलों और सड़कों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं लेकिन हर बार जिम्मेदार अधिकारी और संबंधित एजेंसियां एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर बच निकलती हैं।
सीएम से जांच की मांग
उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री से सवाल किया है कि क्या यही सरकार का विकास मॉडल है। उन्होंने मांग की है कि मुरैना के सड़क निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए, दोषी ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो और जनता के टैक्स के पैसे के उपयोग का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए।






