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नौ साल..नो प्रमोशन: मंत्रालय के खाली पदों पर उमंग सिंघार का तंज, बोले ‘सरकार फाइलों के बोझ तले दबी है’

Written by:Shruty Kushwaha
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प्रदेश के कई विभागों में विभिन्न पद खाली पड़े हैं। एक तरफ सरकार नई भर्तियों की घोषणा कर रही है, वहीं कांग्रेस इन रिक्त पदों को भरने और रुके हुए प्रमोशन के मुद्दे पर सरकार को घेर रही है।
नौ साल..नो प्रमोशन: मंत्रालय के खाली पदों पर उमंग सिंघार का तंज, बोले ‘सरकार फाइलों के बोझ तले दबी है’

Umang Singhar

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य मंत्रालय में रिक्त पड़े पदों को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मंत्रालय 54 विभागों की रीढ़ है और पूरे राज्य की नीतियों का केंद्र हैं, वहीं पर हजारों पद खाली पड़े हैं। तंज़ करते हुए उन्होंने कहा कि ‘सरकार खुद फाइलों के बोझ से दबी है’।

बता दें कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में सरकारी कर्मचारियों के लिए नौ साल बाद प्रमोशन नीति को मंजूरी दी है और अगले तीन वर्षों में 2 लाख नई सरकारी भर्तियों की घोषणा की है। लेकिन कांग्रेस ने इसे बीजेपी का चुनावी वादा करार दिया हैं। विपक्ष लगातार प्रदेश में विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को भरने की मांग करता आया है और एक बार फिर इस मुद्दे पर उसने सरकार को घेरा है।

उमंग सिंघार ने उठाया मंत्रालय के रिक्त पदों का मामला

उमंग सिंघार ने मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से मंत्रालय के खाली पदों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वहां 2,436 स्वीकृत पदों में से 1,096 पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि ‘यह विडंबना है कि युवाओं को रोजगार चाहिए और मंत्रालय को कर्मचारी, फिर भी सरकार आंखें मूंदे बैठी है।जनता से लेकर विधायक-सांसद तक इसी मंत्रालय में समाधान की उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन जब खुद मंत्रालय ही ‘मैनपावर संकट’ से जूझ रहा हो, तो पूरे प्रदेश की समस्याएँ कैसे सुलझेंगी।’

प्रमोशन और भर्ती के मुद्दे पर सरकार को घेरा

नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि प्रदेश में नौ साल से प्रमोशन तक नहीं हुए है। नई भर्तियां तो छोड़िए, सरकार खुद फाइलों के बोझ तले दबी है। हालांकि प्रदेश सरकार ने हाल ही में सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रमोशन नीति को मंजूरी दी है लेकिन कांग्रेस ने इसकी विश्वसनीयता पर भी संदेह जारी किया है। उसने कहा है कि विधानसभा चुनावों से पहले किए गए बीजेपी के कई वादें अब तक अधूरे पड़े हैं ऐसे में सरकार के हालिया फैसलों का भी कितना क्रियान्वन होगा..कहना मुश्किल है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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