उमंग सिंघार ने शिवपुरी के करैरा तहसील में सामने आए 150 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की सरकारी जमीन फर्जीवाड़े को ‘बेहद गंभीर और चिंताजनक’ बताया है। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी, फर्जी आदेश और मिलीभगत से सरकारी जमीन को निजी व्यक्तियों के नाम में दर्ज करना इस बात का संकेत है कि तंत्र के भीतर भ्रष्टाचार ने गहरी जड़ें जमा ली हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह कोई मामूली गड़बड़ी नहीं, बल्कि संगठित तरीके से किया गया जमीन घोटाला है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि दोषियों पर सिर्फ एफआईआर नहीं, बल्कि समयबद्ध और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो ताकि प्रदेश में कानून का भय और जनता का विश्वास दोनों कायम रह सके।
शिवपुरी में करोड़ों का घोटाला
शिवपुरी जिले की करैरा तहसील के ग्राम जरगवां अव्वल में सरकारी जमीन का बड़ा घोटाला सामने आया है। कोटा-झांसी फोरलेन हाईवे के किनारे स्थित थनरा चौकी के पीछे लगभग 47 बीघा सरकारी जमीन को फर्जी तरीके से निजी नामों पर दर्ज कर दिया गया। इसकी अनुमानित बाजार कीमत 150 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी, फर्जी सर्वे नंबर निर्माण और मिलीभगत से यह पूरा खेल रचा गया। मामला उजागर होने के बाद सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
कांग्रेस ने की कठोर कार्रवाई की मांग
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। उमंग सिंघार ने इस फर्जीवाड़े को चिंताजनक बताते हुए कहा है कि राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी, फर्जी आदेशों और मिलीभगत से सरकारी जमीन को निजी नामों में दर्ज करना यह दर्शाता है कि तंत्र के भीतर किस स्तर तक भ्रष्टाचार जड़ें जमा चुका है। उन्होंने कहा कि तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी और बाबुओं सहित कई जिम्मेदार अधिकारियों पर मामला दर्ज होने से साफ होता है कि यह कोई मामूली गड़बड़ी नहीं, बल्कि संगठित तरीके से किया गया जमीन घोटाला है। उन्होंने कहा कि “खसरा नंबर बदलना, ट्रांसफर टीप हटाना और सरकारी जमीन का बंटवारा दिखाकर निजीकरण करना सीधे-सीधे कानून और जनता के अधिकारों के साथ धोखा है।” इसी के साथ उन्होंने मांग की है कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इतने बड़े स्तर पर यह फर्जीवाड़ा बिना राजनीतिक संरक्षण के कैसे संभव हुआ। उन्होंने कहा कि दोषियों पर सिर्फ एफआईआर नहीं, बल्कि कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि कानूनन व्यवस्था का भय और जनता का विश्वास बरकरार रह सके।







