एमपीपीएससी अभ्यर्थियों द्वारा इंदौर में किए जा रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने सरकार और प्रशासन के रवैये पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों पर दबाव बनाकर उनकी आवाज़ दबाने का प्रयास हो रहा है जो लोकतांत्रिक मौलिक अधिकारों के खिलाफ है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि दिसंबर 2024 में अभ्यर्थियों से जो वादे किए गए थे, वे आज तक पूरे नहीं हुए हैं और करीब 90 प्रतिशत मांगें अब भी लंबित हैं। उन्होंने कहा कि वे उस समय अभ्यर्थियों के धरना-प्रदर्शन में छात्रों से मिले थे और उनकी मांगें समझी थीं, इस भरोसे के साथ कि सरकार समाधान निकालेगी। लेकिन इतने समय बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
अपनी मांगों को लेकर अभ्यर्थियों का धरना
बता दें कि इंदौर में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग कार्यालय के बाहर अभ्यर्थी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर 22 जनवरी से शांतिपूर्ण धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार और आयोग ने उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और इसे अनिश्चितकाल तक जारी रखा जा सकता है। यह आंदोलन दिसंबर 2024 में भी हुआ था जब अभ्यर्थियों ने कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया था और जिला प्रशासन से आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया था। लेकिन उनका कहना है कि अधिकांश वादे आज तक पूरे नहीं हुए हैं, जिसके कारण वो फिर से आंदोलन करने पर मजबूर हो गए हैं।
उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार पर लगाए आरोप
इस मामले पर एक बार फिर उमंग सिंघार आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के पक्ष में सामने आए हैं। उन्होंने कहा है कि एमपीपीएससी कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों पर दबाव डालना और उनकी आवाज़ को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ़ है। ऐसा चिंताजनक हालात बन गया कि उच्च न्यायालय को हस्तक्षेप कर स्पष्ट करना पड़ा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अभ्यर्थियों से किए गए वादे वे आज तक पूरे नहीं हुए हैं और करीब 90 प्रतिशत मांगें अब भी लंबित हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह छात्रों की मांगों को गंभीरता से संज्ञान में ले और आश्वासनों के बजाय तुरंत कोई ठोस निर्णय ले। कांग्रेस नेता ने कहा कि युवाओं के भविष्य की कीमत पर किसी भी तरह की लापरवाही या मनमानी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस पूरे मुद्दे पर अभ्यर्थियों की हर जायज़ मांग के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके अधिकारों के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी।





