पटना: व्हाट्सएप पर किसी बड़े अधिकारी या करीबी का मैसेज आए कि वह मुसीबत में हैं और उन्हें तुरंत पैसों की जरूरत है, तो सावधान हो जाइए। यह साइबर ठगी का नया तरीका हो सकता है। ताजा मामला बिहार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश मुख्यालय प्रभारी अरविंद शर्मा के साथ हुआ है, जहां जालसाजों ने उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया और उनके जानने वालों से पैसे मांगने लगे।
घटना का खुलासा तब हुआ जब अरविंद शर्मा के एक परिचित ने पैसे मांगने वाले संदेश की पुष्टि के लिए उन्हें सीधे फोन किया। बातचीत में स्पष्ट हो गया कि शर्मा ने ऐसा कोई संदेश नहीं भेजा था और उनका व्हाट्सएप नंबर हैक हो चुका है।
ऐसे सामने आई हैकिंग की पूरी घटना
अरविंद शर्मा ने खुद इस बात की पुष्टि की कि उन्होंने किसी से भी पैसे नहीं मांगे हैं। जैसे ही उन्हें अपने अकाउंट के दुरुपयोग की जानकारी मिली, वह तुरंत पटना स्थित साइबर पुलिस स्टेशन पहुंचे। वहां उन्होंने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस और साइबर विशेषज्ञ अब इस मामले की जांच में जुट गए हैं। वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि अकाउंट किसने और कैसे हैक किया।
साइबर ठगी से कैसे बचें? विशेषज्ञों की सलाह
इस तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। साइबर विशेषज्ञ इससे बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।
मुख्य रूप से चार बातों पर ध्यान दें:
- सीधे कॉल करें: अगर कोई व्हाट्सएप पर पैसे मांगता है, तो उसे तुरंत कॉल करके उसकी आवाज से पहचान करें।
- UPI आईडी जांचें: ठग अक्सर अनजान या संदिग्ध नामों वाली UPI आईडी भेजते हैं। बिना पूरी तरह जांचे किसी भी आईडी पर पैसे ट्रांसफर न करें।
- सुरक्षा फीचर ऑन रखें: अपने व्हाट्सएप पर ‘Two-Step Verification’ हमेशा एक्टिव रखें। यह आपके अकाउंट को हैक होने से बचाने में एक अतिरिक्त सुरक्षा परत का काम करता है।
- जल्दबाजी न करें: ऐसे संदेश मिलने पर घबराएं नहीं। तत्काल संबंधित व्यक्ति को फोन करके स्थिति को समझने की कोशिश करें, क्योंकि जल्दबाजी में लिया गया फैसला अक्सर महंगा पड़ता है।






