औरंगाबाद: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान औरंगाबाद जिले के लिए कई बड़ी विकास परियोजनाओं की घोषणा की है। देव में एक नए मेडिकल कॉलेज और रिंग रोड के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिसके लिए सरकार ने सैकड़ों करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। सीएम ने प्रगति यात्रा के दौरान स्वीकृत की गई योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को काम में तेजी लाने का निर्देश दिया।
इस दौरे पर सीएम के साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी और जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन भी मौजूद थे। सीएम ने कहा कि औरंगाबाद के विकास का उन्होंने हमेशा ख्याल रखा है और यहां के लोगों का समर्थन उन्हें हमेशा याद रहेगा।
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429 करोड़ से बनेगा मेडिकल कॉलेज, 100 सीटों पर होगा नामांकन
मुख्यमंत्री ने सबसे बड़ी घोषणा देव में मेडिकल कॉलेज के निर्माण को लेकर की। उन्होंने बताया कि इसके लिए जमीन मिल गई है और सरकार ने 429 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी है। यह मेडिकल कॉलेज 100 सीटों का होगा और इसमें 430 बेड का अस्पताल भी बनेगा। इस परियोजना के लिए कुल 33.77 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। सीएम ने कहा कि इसके बनने से जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा, उन्होंने निर्माणाधीन ट्रॉमा सेंटर के काम में भी तेजी लाने का आदेश दिया।
देव में 13 किमी लंबा रिंग रोड और अन्य योजनाएं
स्वास्थ्य के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर दिया गया है। देव में ट्रैफिक की समस्या को कम करने के लिए एक रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा।
सीएम ने कहा, “देव में रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 142.24 करोड़ रुपये स्वीकृत किया है। रिंग रोड की लंबाई करीब 13 किमी होगी।”
इसके अतिरिक्त, विशुनपुर कैनाल के निर्माण और केशर डैम से किसानों को होने वाले लाभ का भी उन्होंने जिक्र किया। जिले के सभी 202 पंचायतों में सुधा बिक्री केंद्र खोलने की योजना पर भी प्रशासन ने काम शुरू कर दिया है।
शिक्षा और रोजगार पर सरकार का फोकस
नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कामों को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि जिन प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां जुलाई 2026 से पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
“मैंने अपने कार्यकाल में 3 लाख 68 हजार नियोजित शिक्षक बहाल किए। बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से 2 लाख 68 हजार शिक्षकों की बहाली की गई। सरकार 45 हजार रिक्त पड़े पदों पर शिक्षकों की बहाली शीघ्र करने जा रही है।”* नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री, बिहार
उन्होंने अपने पूर्ववर्ती पर बिना नाम लिए तंज कसते हुए कहा कि पहले सात साल सीएम रहने के बाद हटने पर अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बना दिया गया था, जबकि उनकी सरकार न्याय के साथ विकास कर रही है। उन्होंने कहा कि वे जाति या वर्ग की नहीं, बल्कि विकास की बात करते हैं। मदरसा शिक्षकों को न्याय देने और 2006 से कब्रिस्तानों की घेराबंदी शुरू करने का भी उन्होंने उल्लेख किया।