बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मां को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी के विरोध में भाजपा महिला मोर्चा ने गुरुवार (04 सितंबर, 2025) को बिहार बंद बुलाया, तो दूसरी ओर आरजेडी समर्थकों ने पटना में एक नया पोस्टर लगाकर सियासत को और गरमा दिया। इस पोस्टर में राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव को साथ दिखाते हुए संदेश दिया गया है कि जनता चाहती है अब तेजस्वी मुख्यमंत्री बनें। यानी एक तरफ बीजेपी सड़कों पर थी, तो दूसरी ओर आरजेडी ने पोस्टर के जरिए माहौल बनाने की कोशिश की।
पटना में लगा पोस्टर, तेजस्वी को बताया ‘भविष्य का मुख्यमंत्री’
आरजेडी दफ्तर के बाहर लगाए गए पोस्टर में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और सपा अध्यक्ष व पूर्व यूपी सीएम अखिलेश यादव की तस्वीर है। इसमें लिखा गया है— “विरोधियों का करेंगे सर्वनाश कहलाएंगे त्रिदेव। जन-जन का है एक ही नारा, पलटू चाचा को कर दो किनारा, तेजस्वी यादव बने मुख्यमंत्री हमारा।” इस पोस्टर के जरिए नीतीश कुमार को ‘पलटू’ कहकर निशाना बनाया गया है। पोस्टर पटना के कुर्जी इलाके में आरजेडी समर्थक धर्मेंद्र मुखिया की ओर से लगाया गया है, जो साफ तौर पर महागठबंधन की एकजुटता और तेजस्वी यादव की दावेदारी का संदेश देता है।
राहुल-तेजस्वी-अखिलेश की तिकड़ी बनी ‘त्रिदेव’
आरजेडी समर्थकों ने इस पोस्टर में तीनों नेताओं को ‘त्रिदेव’ बताने की कोशिश की है। दरअसल, हाल ही में समाप्त हुई ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान राहुल गांधी और तेजस्वी यादव लगातार साथ दिखे थे। इस यात्रा के समापन मौके पर अखिलेश यादव भी शामिल हुए थे। तीनों नेताओं की साझा मौजूदगी ने विपक्षी गठबंधन इंडिया को मजबूती का संदेश दिया। उसी सिलसिले में अब पोस्टर में इन्हें एक साथ दिखाकर जनता के बीच यह माहौल बनाने की कोशिश की गई है कि महागठबंधन का नेतृत्व तेजस्वी यादव करें और उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जाए।
बीजेपी ने बंद बुलाकर किया पलटवार
जहां आरजेडी समर्थक पोस्टर के जरिए माहौल बना रहे हैं, वहीं भाजपा ने पीएम मोदी की मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी को मुद्दा बनाकर बिहार बंद बुलाया। महिला मोर्चा की अगुवाई में हुए इस बंद में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कई जगहों पर प्रदर्शन किया और कहा कि जनता चुनाव में विरोधियों को सबक सिखाएगी। बंद के दौरान विपक्ष पर गुंडागर्दी और बदतमीजी करने के आरोप भी लगे। इस तरह बिहार में पोस्टर युद्ध और सड़कों पर संघर्ष, दोनों ही घटनाएं संकेत दे रही हैं कि चुनाव से पहले सियासत और ज्यादा तीखी होने वाली है।





