बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच गई है। यहां एनडीए के सहयोगी और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने चुनावी एंट्री की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में एनडीए गठबंधन की जीत तय है और उनकी पार्टी भी एनडीए के साथ मिलकर मैदान में उतरेगी। बुधवार को सुल्तानपुर के इसौली में आयोजित रैली में शामिल होकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर 75 किलो का केक काटा और जनता से एनडीए के समर्थन में वोट करने की अपील की।


एनडीए संग चुनाव लड़ने का ऐलान

रैली में संबोधन के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने साफ कहा कि उनकी पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा), बिहार में एनडीए गठबंधन के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेगी। उन्होंने बताया कि इसका मसौदा भी तैयार हो चुका है। राजभर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए लगातार मजबूत हो रहा है और बिहार में भी वही सरकार बनेगी। उन्होंने इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां की जनता कांग्रेस और आरजेडी दोनों को झेल चुकी है। जब-जब आरजेडी की सरकार रही, बिहार में जंगलराज का दर्द जनता ने महसूस किया।


29 सीटों पर दावेदारी

ओम प्रकाश राजभर ने अपनी रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा कि बिहार में उनकी पार्टी 29 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। उनका दावा है कि बिहार में भी राजभर समाज की मजबूत उपस्थिति है और कई सीटों पर उनका प्रभाव निर्णायक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से बिहार की राजनीति में सक्रिय रही है और इस बार भी एनडीए के साथ मिलकर जनता को स्थिर और विकासोन्मुख सरकार देने का संकल्प लेकर उतरेगी। राजभर ने विश्वास जताया कि बिहार की जनता महागठबंधन को नकारकर एनडीए को ही चुनने वाली है।


राष्ट्रीय अधिवेशन और सीट बंटवारे की चर्चा

इससे पहले ओम प्रकाश राजभर ने पटना में अपनी पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन किया था। वहां कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सुभासपा पिछले बीस सालों से बिहार में सक्रिय रही है और पंचायत चुनाव से लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनाव तक में हिस्सा लेती रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बिहार बीजेपी और राष्ट्रीय नेताओं से उनकी 70 फ़ीसद तक बात हो चुकी है और जल्द ही सीट बंटवारे पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। राजभर ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि एनडीए की एकजुटता और जनता का समर्थन इस बार बिहार में विपक्ष के लिए चुनौती साबित होने वाला है।