बिहार की राजनीति में अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह सवाल फिर केंद्र में आ गया है। सोमवार, 9 मार्च को पटना में चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने की मांग वाले पोस्टर सामने आने के बाद लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती का बयान चर्चा में है।

“लोगों की यह इच्छा है… लेकिन यह हमारा निजी विचार है। एनडीए के वरिष्ठ नेता तय करेंगे कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।” — अरुण भारती, सांसद, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास)

अरुण भारती ने यह प्रतिक्रिया उस सवाल पर दी, जिसमें पटना में लगाए गए पोस्टरों का जिक्र था। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान को मुख्यमंत्री के रूप में देखने की मांग पार्टी के सदस्यों की इच्छा को दिखाती है, पर गठबंधन की ओर से अंतिम नाम तय करने का अधिकार NDA नेतृत्व के पास ही रहेगा।

पोस्टरों से बढ़ी सियासी गर्मी

सोमवार को पटना की सड़कों पर जो पोस्टर दिखे, उनमें चिराग पासवान को अगले मुख्यमंत्री के रूप में पेश किया गया। इन पोस्टरों को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिलाध्यक्ष इमाम गजाली ने लगवाया। पोस्टरों में चिराग पासवान के सिर पर ताज का चित्रण किया गया था और कई नारे लिखे गए थे—जैसे उन्हें ताज पहनाने से बिहार का स्वर्ण युग आने की बात, मोदी के आशीर्वाद का जिक्र, और युवा मुख्यमंत्री की जरूरत का दावा।

इन पोस्टरों में यह भी संदेश था कि NDA सरकार बनाएगा और चिराग पासवान मुख्यमंत्री बनेंगे। हालांकि, पार्टी सांसद के बयान से यह स्पष्ट हुआ कि फिलहाल इसे कार्यकर्ताओं की मांग के तौर पर ही रखा जा रहा है, न कि गठबंधन की घोषित लाइन के रूप में।

नीतीश कुमार के बाद नामों की चर्चा तेज

नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में उत्तराधिकार को लेकर चर्चा बढ़ी है। अभी तक किसी दल या गठबंधन ने मुख्यमंत्री चेहरे पर औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन अलग-अलग धड़ों से अलग संकेत मिल रहे हैं।

जेडीयू से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम भी चर्चा में है। दूसरी ओर, बिहार में BJP के भीतर लंबे समय से यह राजनीतिक आकांक्षा रही है कि राज्य में पार्टी का मुख्यमंत्री बने। अब चिराग पासवान का नाम भी खुलकर सामने आना, इस प्रतिस्पर्धा को नया आयाम देता है।

महिला मुख्यमंत्री की अटकलें भी

इसी दौर में एक और राजनीतिक चर्चा चल रही है—क्या बिहार में किसी महिला नेता को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन राज्यसभा नामांकन के बाद से संभावित विकल्पों पर बात तेज हुई है और कई नाम अनौपचारिक रूप से तैर रहे हैं।

फिलहाल तस्वीर यह है कि दावेदारी की आवाजें अलग-अलग दिशाओं से उठ रही हैं, पर निर्णय की चाबी NDA नेतृत्व के पास बताई जा रही है। ऐसे में पटना में लगे पोस्टर और अरुण भारती का बयान इस बहस को सार्वजनिक मंच पर और आगे ले आए हैं। आने वाले समय में गठबंधन की रणनीतिक बैठकें ही तय करेंगी कि बिहार की अगली नेतृत्व रेखा किस तरफ जाती है।