बिहार में विधानसभा उपचुनाव से पहले सियासत गरमा गई है। चुनाव से पहले गणितज्ञ केसी सिन्हा ने प्रशांत किशोर का साथ छोड़ दिया है। वो जन सुराज को छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए हैं। इसके बाद अब पटना में अलग ही नजारा देखने को मिला है।
दअसल पटना की सड़कों पर कुछ पोस्टर लगाए हैं, जो प्रशांत किशोर के हैं। इन पर लिखा है केसी सिन्हा तो झांकी है, जमानत जब्त होना अभी बाकी है। ये पोस्टर किसने और कब लगाएं हैं, फिलहाल इस बारे में कोई भी जानकारी सामने नहीं आई है।
पटना में किशोर के पोस्टर
राजधानी पटना में कई जगह यह पोस्टर लगाए गए। पोस्टर के नीचे सौजन्य बांकीपुर की जनता लिखा हुआ है। इसमें प्रशांत किशोर की तस्वीर है और उनके सिर पर मुस्लिम टोपी लगी हुई दिखाई दे रही है। गले में गमछा है और हाथ में नोट की गड्डी है।
प्रशांत किशोर को लेकर पटना में लगा पोस्टर।
पोस्टर में लिखा…केसी सिन्हा को झांकी है।
जमानत जब्त होना अभी बाकी है।
इनको वोट नहीं नोट चाहिए।
सौजन्य: बांकीपुर की जनता। pic.twitter.com/iJg7FdhfQy
— Harsh Vardhan (@imharshvdhan) July 16, 2026
जन सुराज को बताया धन सुराज
इस पोस्टर में जन सुराज पार्टी को धन सुराज पार्टी बताया गया है। पीके के पोस्टर पर वोट नहीं नोट चाहिए लिखा हुआ है। जैसे ही इस पोस्टर की तस्वीरें सामने आई है सियासी गलियारे में हर जगह इसकी चर्चा हो रही है। इस पर प्रशांत किशोर या फिर जन सुराज पार्टी की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
कई लोगों ने छोड़ा प्रशांत का साथ
बता दें कि जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को तगड़ा झटका तब लगा जब 2025 में उनकी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले कई नेता भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। इनमें प्रोफेसर के सी सिन्हा से लेकर रितेश रंजन जैसे नाम शामिल हैं। वहीं गोपाल सिंह और बृज किशोर सिंह भी भाजपा में शामिल हुए।






