Hindi News

राजधानी भोपाल के इस प्राइवेट अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त, CMHO ने जारी किया आदेश, NSUI ने कार्रवाई पर उठाये सवाल..

Written by:Atul Saxena
Last Updated:
NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि यह केवल एक अस्पताल की मनमानी का मामला नहीं, बल्कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में बड़े स्तर पर किए गए भ्रष्टाचार का खुला उदाहरण है, जिसकी जांच और कानूनी कार्रवाई अनिवार्य है।
राजधानी भोपाल के इस प्राइवेट अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त, CMHO ने जारी किया आदेश, NSUI ने कार्रवाई पर उठाये सवाल..

मध्य प्रदेश सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि नियम विरुद्ध अस्पताल संचालित करने वालों पर कड़ा एक्शन होगा, इसी क्रम में राजधानी भोपाल में संचालित देव मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के रजिस्ट्रेशन को निरस्त कर दिया गया है, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल ने इस आशय का आदेश जारी कर दिया है, यानि अब से इस अस्पताल पर ताला लटक जायेगा लेकिन NSUI ने इस कार्रवाई पर सवाल खड़े किये हैं।

दरअसल भोपाल में लंबे समय से संचालित देव मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में लाखों रुपये के फर्जीवाड़े, मरीजों के फर्जी दस्तावेज तैयार करने और सरकारी तंत्र को गुमराह करने जैसी गंभीर अनियमितताएँ सामने आई थी । इस पूरे प्रकरण की शिकायत एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) और भोपाल पुलिस कमिश्नर को की गई थी।

CMHO की जाँच में अस्पताल में मिली ये कमियां 

शिकायत के बाद सीएमएचओ ने जाँच दल गठित किया और अस्पताल का निरीक्षण कराया जिसमें ना तो MBBS डॉक्टर मिले, ना मेडिकल स्टाफ, ना नर्सिंग स्टाफ मिला और ओपीडी बंद मिली, 16 अक्टूबर से एक भी मरीज की भर्ती का रिकॉर्ड नहीं मिला, डॉ नसीम खान यहाँ पदस्थ नहीं हैं फिर भी उन्होंने मरीज आराम गुर्जर की नियम विरुद्ध MLC बना दी,  इन सब कारणों के चलते सीएमएचओ ने अस्पताल का पंजीयन निरस्त कर दिया।

NSUI ने की अस्पताल संचालक पर FIR की मांग 

सीएमएचओ कार्यालय की कार्रवाई पर NSUI ने सवाल उठाये हैं, प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा हमारी शिकायत की जाँच के बाद पर सीएमएचओ कार्यालय ने अस्पताल की लाइसेंस निरस्त करते हुए तत्काल प्रभाव से अस्पताल बंद करने के निर्देश जारी कर दिए हैं लेकिन इसके बावजूद अस्पताल संचालकों एवं जिम्मेदार डॉक्टरों पर न तो एफआईआर दर्ज की गई है और न ही उनकी गिरफ्तारी की कार्यवाही शुरू हुई है, जो कई गंभीर सवाल खड़े करती है।

पुलिस कमिश्नर कार्यालय के घेराव की चेतावनी 

एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा‌ कि “अस्पताल की पंजीयन निरस्त होना पर्याप्त नहीं है जब तक अस्पताल संचालकों पर FIR दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी नहीं की जाती और मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान एवं अन्य योजनाओं में किए गए लाखों रुपये के फर्जीवाड़े की राशि की वसूली नहीं होती, तब तक एनएसयूआई अपनी लड़ाई जारी रखेगी , यदि प्रशासन कार्रवाई में और देरी करता है, तो एनएसयूआई भोपाल पुलिस कमिश्नर कार्यालय का घेराव करेगी।”

 

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
Follow Us :GoogleNews