देश में त्योहारों के सीजन में बाजारों में भीड़ देखने को मिलती है। कई लोग खासतौर पर धनतेरस का इंतजार करते हैं ताकि खरीदारी की जा सके। इस साल भी धनतेरस पर लोगों ने जमकर खरीदारी की है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने अनुमान लगाया है कि धनतेरस पर लोगों द्वारा लगभग एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की खरीदारी की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ सोने और चांदी में ही 60,000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार हो गया। धनतेरस बाजार में खुशहाली लेकर आई है और लोगों के साथ मिलकर इसे और भी खूबसूरत बना दिया है।
जानकारी देते हैं कि धनतेरस पर खरीदारी करना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसे में बाजारों में इस दिन भारी भीड़ देखने को मिलती है। बड़ी मात्रा में लोग सोना, चांदी, बर्तन, नई गाड़ियां और अन्य चीजें खरीदने बाजार पहुंचते हैं, जिससे बाजार की रौनक और भी ज्यादा बढ़ जाती है।
सोना, चांदी में टूटा रिकॉर्ड
दरअसल, CAIT के सेक्रेटरी जनरल प्रवीण खंडेलवाल के मुताबिक, इस साल धनतेरस पर सोना, चांदी और अन्य शुभ वस्तुएं खरीदी गईं, जिससे कुल कारोबार एक लाख करोड़ रुपए के पार होने का अनुमान है। वैसे तो हर साल ही धनतेरस पर बड़ी मात्रा में खरीदारी की जाती है और बाजारों में भारी भीड़ देखने को मिलती है, लेकिन इस बार इस आंकड़े ने सभी को हैरान कर दिया है। इस बार लोगों ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। धनतेरस का दिन खरीदारी के लिए सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। लोग इसके लिए विशेष बजट बनाते हैं और मोबाइल फोन से लेकर बड़ी गाड़ियां, टैबलेट, लैपटॉप जैसी चीजें इस दिन खरीदते हैं।
किचनवेयर में 15,000 करोड़ रुपए का कारोबार
दरअसल, न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए CAIT के सेक्रेटरी जनरल ने कहा कि पिछले दो दिनों में सर्राफा बाजारों में बड़ी भीड़ देखने को मिली है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, सिर्फ सोने और चांदी में ही 60,000 करोड़ रुपए का कारोबार होने की संभावना रही। वहीं दिल्ली के सर्राफा बाजारों में यह आंकड़ा 10,000 करोड़ रुपए से ज्यादा रहा। आपको जानकर हैरानी होगी कि पिछले साल से यह आंकड़ा 25 गुना ज्यादा है। सोना-चांदी के अलावा देश के लोगों ने सबसे ज्यादा किचनवेयर पर पैसा खर्च किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, किचनवेयर में 15,000 करोड़ रुपए जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स पर 10,000 करोड़ रुपए की खरीदारी की गई। वहीं डेकोरेटिव आइटम्स, दिए और पूजा सामग्री पर 3,000 करोड़ रुपए की खरीदारी की गई।





