वित्तीय मामलों के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण रहने वाला है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया मौद्रिक नीति समिति की बैठक करेगा। केंद्र सरकार बजट 2026 की पेशकश करेगी। रेपो रेट को लेकर आरबीआई कोई बड़ा फैसला ले सकता है। जिसका सीधा असर लोन और फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों पर पड़ेगा। इससे पहले कई बैंकों ने फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों (FD Rates) में बदलाव करना शुरू कर दिया है।
जनवरी 2026 में कई प्राइवेट सेक्टर और पब्लिक सेक्टर बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट के इंटरेस्ट रेट में संशोधन कर चुके हैं। इस लिस्ट में यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक भी शामिल हो चुका है। इस हफ्ते की शुरुआत में ही नई दरें लागू हो चुकी हैं।
आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक संशोधन के बाद बैंक सामान्य नागरिकों को 4% से लेकर 7.25% ब्याज ऑफर कर रहा है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों को 50 बीपीएस एक्स्ट्रा ब्याज भी ऑफर कर रहा है। हालांकि 7 दिन से लेकर 45 दिन तक के टेन्योर पर सीनियर सिटीजंस को कोई एक्स्ट्रा रिटर्न नहीं मिलेगा।
इतने दिन के टेन्योर पर मिलेगा सबसे ज्यादा ब्याज
सबसे ज्यादा ब्याज बैंक अपने 12 महीने के टेन्योर पर ऑफर कर रहा है। सामान्य नागरिकों के लिए ब्याज पर 7. 25 प्रतिशत हैं। वरिष्ठ नागरिकों को 7.75% रिटर्न मिल रहा है। बैंक बिना किसी नोटिस समय-समय पर इंटरेस्ट रेट में संशोधन करते रहते हैं। इसलिए निवेश से पहले आधिकारिक किसी नजदीकी ब्रांच को विजिट करने की सलाह दी जाती है।
501 दिन से लेकर 60 महीने के अलग-अलग टेन्योर पर 6.75% ब्याज सामान्य नागरिकों को ऑफर कर रहा है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए इंटरेस्ट रेट 7.25% है। 60 महीने से अधिक और 120 महीने तक के टेन्योर पर 6% रिटर्न मिल रहा है। 12 महीने 1 दिन के टेन्योर पर 6.% ब्याज सामान्य नागरिकों को और 6.50% ब्याज वरिष्ठ नागरिकों को मिल रहा है।
एफडी टेन्योर और ब्याज दरें
- 7 दिन से लेकर 14 दिन- 4%
- 15 से लेकर 45 दिन- 4%
- 46 से लेकर 60 दिन- 4.75%
- 91 से लेकर 164 दिन- 5%
- 165 दिन से लेकर 6 महीने तक- 5.50%
- 6 महीने से अधिक 201 दिन तक- 6.25%
- 202 दिन लेकर 364 दिन- 6.25%
- 12 महीने- 7.25%
- 12 महीने एक दिन- 6.50%
- 12 महीने 1 दिन से अधिक और 500 दिन तक- 6.50%
- 501 दिन- 6.75%’
- 502 दिन से लेकर 18 महीने तक- 6.75%
- 18 महीने से अधिक और 700 दिन तक- 6.75%
- 701 दिन- 6.75%
- 702 दिन से लेकर 998 दिन- 6.75%
- 999 दिन से लेकर 34 महीने तक- 6.75%
- 34 महीने से अधिक और 36 महीने तक- 6.75%
- 36 महीने से अधिक और 60 महीने तक- 6.75%
- 60 महीने से अधिक और 120 महीने तक- 6%





